
राजनीति के अखाड़े बन गए कॉलेज केम्पस
अजमेर. भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि आज प्रदेश में जो माहौल है वह कॉलेज प्रशासन पर विचित्र किस्म का दबाव है। कॉलेज केम्पस राजनीति (सियासत) के अखाड़े बन गए हैं। एसपीसी-जीसीए के छात्रसंघ कार्यालय उद्घाटन समारोह के बाद शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में पूनिया ने कहा कि भारत के खिलाफ नारे लगने वाले केम्पस व किसी भी शक्ति को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। छात्रशक्ति आपस में टकराव नहीं हो इसकी चिंता करनी चाहिए। इस देश में 1975 में आपातकाल के खिलाफ लड़ाई लडऩे वाले कॉलेज के विद्यार्थी ही थे। गुजरात के नवनिर्माण आंदोलन से शुरुआत की और जयप्रकाश नारायण के समग्र क्रांति आंदोलन से जुड़े। प्रदेश के महाविद्यालयों में दबाव है, टोंक में पूरा महाविद्यालय स्टाफ कार्यक्रम छोड़कर चला गया, विद्यार्थियों ने कार्यक्रम आयोजित किया वहीं सवाईमाधोपुर के कॉलेज में भारी तनाव था। यहां भी इसी तरह का माहौल बनाने की कोशिश सरकार की ओर से की गई।
डिवाइड है प्रदेश में सरकार, गहलोत यू-टर्न लेने में माहिर
पुष्कर. प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार डिवाइड सरकार है। मुख्यमंत्री कुछ कहते हैं और उप मुख्यमंत्री कुछ और। मुख्यमंत्री अशोक गहलोंत तो यू-टर्न लेने में माहिर हैं। यह बात शनिवार को राजकीय महाविद्यालय में छात्रसंघ कार्यालय का उद्घाटन करने आए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कही। उन्होंने कहा कि कोटा में बच्चों की मौत को लेकर सरकार संवेदनशील नहीं है। मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री व चिकित्सा मंत्री ने कई बार बयान पलटा। उन्होंने कहा कि केद्र के कानून को लागू नहीं करने की बात कहना संविधान का अपमान है। महाविद्यालय में छात्रसंघ कार्यालय उद्घाटन के दौरान कॉलेज प्रशासन की अनुपस्थिति पर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सत्ता का दबाव डालकर उद्घाटन में व्यवधान उत्पन्न कर रही है।
Published on:
12 Jan 2020, 12:14 AM IST
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