
अजमेर। श्री राजपूत करणी सेना के संरक्षक लोकन्द्र सिंह कालवी का कहना है कि हम गैर राजनीतिक संगठन हैं जो हमारा समर्थन करेगा हम उनका समर्थन करेंगे।
समाज के नाम पर लोग दुकान न चलाएं। पद्मावती फिल्म के लिए हमारे इतिहासकारों के पैनल की राय के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। जोधा नाम की अकबर की कोई पत्नी नहीं थी।
पद्मावती नाम की अलाउद्दीन खिलजी की कोई प्रेमिका भी नहीं थी। अब मुम्बई में बैठकर रुपए के दम पर नया इतिहास लिखा जा रहा है जो हम होने नहीं देंगे। पद्मावती फिल्म को लेकर भाजपा के अलावा गैर भाजपा राज्यों में भी हमारी मांग का समर्थन किया गया है।
बुधवार को अजमेर आए कालवी ने कहा कि इतिहास से सम्बन्धित फिल्मों के लिए एक प्री-सेंसर बोर्ड होना चाहिए। फिल्म पद्मावती के लिए एक एडवायजरी कमेटी बनी है। इसमें करणी सेना के पैनल के दो इतिहासकार हैं। कालवी ने कहा कि राजपूत करणी सेना सिर्फ इतिहास से जुड़ी फिल्मों का विरोध करती है। इसी का नतीजा है कि एक दिसंबर को फिल्म रिलीज नहीं हुई।
पीएमओ का जताया आभार
कालवी ने आनंदपाल एनकाउंटर मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने पर प्रधानमंत्री कार्यालय का आभार जताया। कालवी ने कहा कि श्रीराजपूत करणी सेना का एक प्रतिनिधि मंडल पीएमओ मिलने गया था। मामले को संवेदनशील मानते हुए हमारे मांग मानी गई है।
Published on:
28 Dec 2017 09:52 am
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