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सबसे पीछे होगी इस पर राजस्थान की यह यूनिवर्सिटी, ये है इसकी वजह

कुलपति के कामकाज पर लगी रोक लगी हुई है। विश्वविद्यालयों ने इस बार एकीकृत प्रवेश को नकार दिया है।
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mdsu admission

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रक्तिम तिवारी/अजमेर.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (MDSU) में सत्र 2019-20 की प्रवेश प्रक्रिया का अता-पता नहीं है। एक तरफ कुलपति के कामकाज पर लगी रोक लगी हुई है। उधर तृतीय वर्ष कला, वाणिज्य और विज्ञान के परिणाम भी नहीं निकले हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले भी अटके हुए हैं। जल्द कोई फैसला नहीं हुआ तो दाखिलों में विलंब हो सकता है।

विश्वविद्यालय (MDSU) में स्नातकोत्तर स्तर पर इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, जनसंख्या अध्ययन, रिमोट सेंसिंग, पर्यावरण विज्ञान, कम्प्यूटर, प्योर एन्ड एप्लाइड केमिस्ट्री, कॉमर्स, पत्रकारिता एवं जनसंचार, पुस्तकालय विज्ञान, योग, खाद्य एवं पोषण, विधि, हिन्दी और अन्य कोर्स संचालित है। सत्र 2019-20 के लिए इन कोर्स में प्रवेश दिए जाने हैं।

परिणाम निकलने जरूरी
तृतीय वर्ष कला, वाणिज्य और विज्ञान के परिणाम पर विश्वविद्यालय के प्रवेश निर्भर हैं। तृतीय वर्ष में उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर कोर्स में प्रवेश लेते हैं। इस बार लोकसभा चुनाव के चलते 22 अप्रेल से 24 मई महीने तक वार्षिक परीक्षाएं स्थगित हुई थीं। परीक्षाएं 25 मई से फिर शुरू हुई हैं। लिहाजा विश्वविद्यालय को परीक्षाएं कराने के साथ-साथ समय पर तृतीय वर्ष के परिणाम भी निकालने हैं।

कराएं एकीकृत प्रवेश....

उधर राजभवन ने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (MDSU) को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जोडऩे को कहा है। इससे भी प्रशासन परेशान है। पिछले सत्र में कोटा विश्वविद्यालय और उदयपुर के एम.एल.सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय ने आईटी विभाग के संयुक्त पोर्टल के माध्यम से आवेदन लिए थे। विद्यार्थी फार्म डाउनलोड नहीं होने, पोर्टल खुलने में देरी, फीस भुगतान जैसी समस्याओं से परेशान रहे। लिहाजा इन विश्वविद्यालयों ने इस बार एकीकृत प्रवेश को नकार दिया है।