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Mission Admission: कॉलेज में 1 जुलाई से पढ़ाई, प्रोविजनल एडमिशन 15 जून से

प्रवेशित विद्यार्थियों को बिना परीक्षा/परिणाम का इंतजार किए बिना अगली कक्षा में क्रमोन्नत करने की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी करनी होगी।
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college admission

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अजमेर.

कोरोना संक्रमण स्थिति को देखते हुए राज्य के सरकारी कॉलेज में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। द्वितीय, तृतीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर उत्तर्राद्र्ध के लिए 15 से 30 जून तक ऑनलाइन प्रवेश नवीनीकरण होंगे।


लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के चलते उच्च शिक्षा विभाग ने द्वितीय, तृतीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर उत्तर्राद्र्ध के विद्यार्थियों को प्रोविजनल प्रवेश देने का फैसला किया है। कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने इसकी तिथियां जारी कर दी हैं।

15 से 30 तक नवीनीकरण
कॉलेज शिक्षा आयुक्त प्रदीप बोरड़ ने बताया कि 15 से 30 जून तक द्वितीय, तृतीय वर्ष और स्नातकोत्तर उत्तर्रार्² के विद्यार्थियों के ऑनलाइन नवीनीकरण होंगे। सभी स्नातक पार्ट प्रथम, द्वितीय और स्नातकोत्तर पूर्वार्² में प्रवेशित विद्यार्थियों को बिना परीक्षा/परिणाम का इंतजार किए बिना अगली कक्षा में क्रमोन्नत करने की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी करनी होगी। इनके अलावा 2019-20 में खोले गए 38 विद्यार्थियों को स्नातक पार्ट प्रथण के विद्यार्थियों का डाटा और मास्टर एन्ट्री पूर्ण करने का काम 20 जून पूरा किया जाएगा।

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1 जुलाई से पढ़ाई
बोरड़ ने बताया कि सभी सरकारी कॉलेज में स्नातक पार्ट द्वितीय, तृतीय और स्नातकोत्तर उत्तर्रार्² में 1 जुलाई से पढ़ाई शुरू होगी। राज्य सरकार के आदेशानुसार यह तिथि लागू की जाएगी। सभी कॉलेज को विद्यार्थियों की दुर्घटना बीमा कार्रवाई तत्काल करनी होगी।

बनाए जीसीए में प्रभारी
एसपीसी-जीसीए के प्राचार्य डॉ.एम.एल.अग्रवाल के अनुसार स्नातक स्तर पर डॉ. संजय जैन और स्नातकोत्तर स्तर पर रमेश जोशई को प्रभारी बनाया गया है। कॉलेज 20 जून तक नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी करेगा।


विदेशी स्कूल के विद्यार्थियों की नहीं होगी परीक्षा

अजमेर. सीबीएसई से सम्बद्ध विभिन्न देशों के स्कूल में दसवीं-बारहवीं के बकाया पेपर नहीं होंगे। संबंधित देशों की सरकार की सख्त पाबंदियों के चलते बोर्ड ने यह फैसला लिया है। इन देशों के विद्यार्थियों को बोर्ड द्वारा निर्धारित मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत उत्तीर्ण किया जाएगा।

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सीबीएसई के श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत सहित कई देशों में स्कूल है। कोरोना संक्रमण के चलते इन देशों में भी हालात खराब हैं। बोर्ड विदेश के स्कूल में दसवीं-बारहवीं के बकाया पेपर नहीं कराएगा। इन स्कूल के विद्यार्थियों को मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत पास किया जाएगा।