
Ajmer News-Dargah : अजमेर दरगाह में बदला जुमे की नमाज का समय
अजमेर. विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह (ajmer dargah) में प्रत्येक शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज (namaz) का समय बदल दिया गया है। ख्वाजा साहब की दरगाह में जुमे की नमाज अब पूर्व निर्धारित समय से 30 मिनट पहले दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर खुतबे के साथ प्रारम्भ होगी। यह व्यवस्था 1 नवम्बर को आने वाले शुक्रवार से लागू होगी।
नमाज के दौरान दरगाह में जायरीन को होने वाली परेशानियों को देखते हुए दरगाह कमेटी ने यह निर्णय किया है। शाहजहानी मस्जिद में होने वाली जुमे की नमाज का समय पहली बार बदला गया है। हालांकि दरगाह स्थित अकबरी मस्जिद में होने वाली जुमे की नमाज के समय में दो-तीन साल पहले परिवर्तन किया जा चुका है।
अब यह रहेगा जुमे की नमाज का समय
अज़ान का समय - दोपहर 12.45 बजे ही रहेगा
सुन्नत पढऩे का एलान - दोपहर 1.30 बजे के स्थान पर 1.05 बजे होगा
खुतबा - 1.35 बजे के स्थान पर 1.10 बजे होगा
इसलिए किया गया निर्णय
दरअसल ख्वाजा साहब की दरगाह स्थित शाहजहानी मस्जिद (जामा मस्जिद) में जुमे की नमाज दोपहर 1.35 बजे खुतबे के साथ प्रारम्भ होती है। इसके लिए दोपहर 12 बजे से ही नमाजी दरगाह परिसर में बैठना शुरू हो जाते हैं। इससे दरगाह के गेटों पर जाम लगना शुरू हो जाता है। शाहजहानीं मस्जिद में नमाज खत्म होने के बाद अकबरी मस्जिद में नमाज होती है जो कि लगभग दोपहर ढाई बजे खत्म होती है। इस दौरान नमाजियों और जायरीन की भीड़ के कारण कई जायरीन आस्ताना शरीफ तक नहीं पहुंच पाते। इसी बीच खिदमत का समय हो जाने के कारण दोपहर 3 बजे से आस्ताना मामूल कर दिया जाता है। इस कारण शाम 4 बजे तक जायरीन जियारत नहीं कर पाते। इन परेशानियों को देखते हुए दरगाह नाजिम शकील अहमद ने हाल ही अंजुमन, शहर काजी आदि को पत्र लिखा था। इस पर सोमवार को सभी पक्षों ने चर्चा कर नमाज के समय में परिवर्तन का निर्णय किया।
यह रहे बैठक में मौजूद
जुमे की नमाज बदलने के लिए दरगाह नाजिम की ओर से बुलाई गई समन्वय बैठक में अंजुमन सैयदज़ादगान से सचिव हाजी सैयद वाहिद हुसैन अंगारा शाह, सदस्य सैयद ऐनुद्दीन चिश्ती, अंजुमन यादगार से अध्यक्ष अब्दुल जर्रार चिश्ती, सचिव शफीकुर्रहमान, शहर क़ाजी तौसीफ अहमद सिद्दीकी, अकबरी मस्जिद के इमाम अब्दुल गफूर नक्शबंदी व संदलखाना मस्जिद के इमाम मोहम्मद रमज़ान आदि मौजूद रहे।
इनका कहना है
जायरीन की सहूलियत के लिए नमाज के समय में मामूली परिवर्तन किया गया है। जायरीन की सुविधा के लिए हमने हमेशा दरगाह कमेटी का सहयोग किया है। इमाम साहब की मौजूदगी में समय परिवर्तन का निर्णय किया गया है। इसमें किसी को कोई एतराज नहीं है।
-वाहिद हुसैन अंगारा शाह, अंजुमन सचिव
Published on:
22 Oct 2019 01:42 am
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