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Online Seminar: ऑनलाइन शिक्षण में वॉट्सएप और यू-ट्यूब सहायक

अब समयानुकूल ऑनलाइन टेस्ट भी आवश्यक हैं।
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अजमेर.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के तत्वावधान में कोविड. 19 के कारण उच्च शिक्षा में चुनौतियां विषय पर ऑनलाइन सेमिनार जारी है। राज्यपाल के सचिव आईएएस सुबीर कुमार ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षण में वॉट्सएप, यू-ट्यूब सहायक हैं। विद्याथी सोशल नेटवर्र्किंग में इनका इस्तेमाल करते हैं। अध्ययन अध्यापन के लिए शिक्षकों को भी इन तकनीक को अपनाने की जरूरत है। नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी, ई-पीजी पाठशाला जैसे विभिन्न संसाधन उपलब्ध हैं।

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ऑनलाइन टेस्ट जरूरी
अब समयानुकूल ऑनलाइन टेस्ट भी आवश्यक हैं। विद्यार्थियों को आधुनिक सामग्री मिलने पर वह वन-वीक सीरीज से दूर हो सकता है। सुबीर कुमार ने ऑनलाइन लर्निंग सॉफ्टवेयर, समान पाठ्यक्रम, प्रेक्टिकल और परीक्षा, ऑनलाइन क्लास से जुड़े सवालों के जवाब भी दिए। कुलपति प्रोआर. पी. सिंह ने स्वागत किया। परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुुब्रतो दत्ता, प्रो. बीपी सारस्वत, प्रो. शिव प्रसाद और अन्य मौजूद रहे।

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रेड जोन में कई विद्यार्थी और कॉलेज, परीक्षाओं पर संकट

अजमेर. विश्वविद्यालयों की जून में प्रस्तावित परीक्षाओं पर भी संकट मंडरा रहा है। दरअसल कई कॉलेज और विद्यार्थी रेड जोन में हैं। कई कॉलेज में क्वॉरंटीन सेंटर भी बने हैं। परेशानी को देखते हुए विश्वविद्यालयों के कुलपति जल्द उच्च शिक्षा मंत्री से बातचीत करेंगे।

सरकार ने जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. पी. सी. त्रिवेदी, राजस्थान यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. आर. के. कोठारी, उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव, डॉ. मोहम्मद नईम, कॉलेज शिक्षा आयुक्त प्रदीप बोरड़ और अन्य की कमेटी बनाई थी। कमेटी ने 31 मई तक सभी सरकारी और निजी कॉलेज में अवकाश तथा स्नातक प्रथम, द्वितीय, तृतीय वर्ष, स्नातकोत्तर पूर्वार्²/उत्तर्रार्²/सेमेस्टर परीक्षाएं 15 जून के बाद कराने की सिफारिश की है।

विश्वविद्यालयों की है ये परेशानी
-शहरों और गांवों में कई विद्यार्थी रेड जोन में
-सरकारी और निजी कॉलेज में बने हैं क्वॉरंटीन सेंटर
-रेड जोन में हैं कई कॉलेज
-नियमित सेनेटाइजेशन और अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था
-पेपर भेजना और कॉपियां मंगवाने में परेशानी
-मार्च तक हुई परीक्षाओं की कॉपियें का मूल्यांकन