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सवा लाख से अधिक विद्यार्थी परिणाम से असंतुष्ट

उत्तरपुस्तिकाओं की संवीक्षा के लिए किया आवेदन, परीक्षाओं में लगभग दो लाख विद्यार्थी फेल
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Over 1.25 lakh students dissatisfied with the result

सवा लाख से अधिक विद्यार्थी परिणाम से असंतुष्ट

अजमेर. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के परीक्षा परिणाम को लेकर सवा लाख से अधिक विद्यार्थियों ने एतराज जताया है। इन विद्यार्थियों ने अपनी उत्तरपुस्तिकाओं की संवीक्षा (री-टोटलिंग) के लिए आवेदन कर दिया है। इनमें से अनेक विद्यार्थियों ने एक से अधिक विषय की कॉपियों की संवीक्षा के लिए आवेदन किया है । लिहाजा बोर्ड को इस साल लगभग डेढ़ लाख उत्तरपुस्तिकाओं की संवीक्षा करनी होगी।

बोर्ड की बारहवीं और दसवीं के सभी परिणाम जारी किए जा चुके हैं। उत्तरपुस्तिकाओं की संवीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि भी समाप्त हो चुकी है। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार इस साल लगभग सवा लाख विद्यार्थियों ने अपनी उत्तरपुस्तिकाओं की संवीक्षा के लिए बोर्ड में ऑनलाइन आवेदन किए हैं।
1.98 लाख से अधिक फेल

बोर्ड परीक्षाओं में इस साल एक लाख 98 हजार 726 विद्यार्थी फेल हो चुके हैं। इसके अलावा 1 लाख 15 हजार 680 विद्यार्थियों की सप्लीमेंट्री आई है। दसवीं परीक्षा में सर्वाधिक 1 लाख 40 हजार 262 विद्यार्थी फेल हुए हैं।
परिणाम सुधार की संभावना

दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में दो लाख से अधिक विद्यार्थी महज कुछ अंकों के अंतर से अनुत्तीर्ण हो जाते हैं अथवा एक दो विषयों में पूरक योग्य घोषित किए जाते हैं। संवीक्षा के तहत उत्तरपुस्तिकाओं की री-टोटलिंग और जंचने से रह गए प्रश्न में अंक मिलने से उनका परिणाम सुधर जाता है। इसी संभावना को देखते हुए प्रति वर्ष एक से डेढ़ लाख विद्यार्थी संवीक्षा का सहारा लेते हैं। ऐसे विद्यार्थियों की संख्या भी काफी अधिक होती है जो एक दो अंक से ही प्रथम अथवा द्वितीय श्रेणी में आने से रह जाते हैं।
बदल जाता है परिणाम

संवीक्षा की बदौलत बोर्ड परीक्षा दे चुके हजारों विद्यार्थियों का परिणाम सुधर जाता है। इन विद्यार्थियों के अंकों में बढ़ोतरी होने से वे फेल से उत्तीर्ण हो जाते हैं अथवा उनकी श्रेणी में सुधार हो जाता है। कॉपियां जांचने में गलतियां इस कदर होती है कि पूर्व में बोर्ड द्वारा जारी योग्यता सूची में भी काफी फेरबदल हो जाता था। लिहाजा बोर्ड को संवीक्षा परिणाम के बाद नए सिरे से योग्यता सूची जारी करनी पड़ती थी। हालांकि पिछले दो वर्ष से योग्यता सूची जारी नहीं की जाती है।