
poor facilities in narega
भूपेन्द्र सिंह
अजमेर. कोरोना corona महामारी व लॉक डाउन lock down के कारण गांव village व गरीबों poor पर पड़ी मार के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना mnarega (मनरेगा) संजीवनी साबित होने जा रही है। राज्य सरकार गांवों में बड़े पैमान पर नरेगा के कार्यो को शुरु करने की तैयारी मे है। इसके लिए जिलास्तर पर प्लानिंग शुरु कर दी गई है। कामों मं श्रमिक संख्या की कोई सीलिंग नही हैं। ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाले ग्रामपंचायत वासी को काम मिलेगा। शुरुआत में सिंचाई व जल संरक्षण के काम शुरु किए जाएंगे। इसमें नहर खुदाई, तालाब गहरा करना,नाड़ी निर्माण,परम्परागत जल स्रोत, व्यक्तिगत लाभ के कार्य सहित अन्य कार्य करवाए जाएंगे। कहां-कहां और क्या-क्या कार्य करने हैं इस पर मंथन किया जा रहा है। नरेगा में कार्य के लिए जो आवेदन देगा उसे काम दिया जाएगा। 1 अप्रेल से लागू नई बीएसआर bsr रेट के तहत नई दर निर्धारित की गई है। अब नरेगा श्रमिक को 220 रुपए दिए जाएंगे। पूर्व में 199 रुपए प्रतिदिन दिए जाने का ही प्रावधान था।
विभाग ने मांगा टार्गेट
ग्रामीण विकास पंचायती राज विभाग ने जिला परिषद से 30 जून तक का टार्गेट target मांगा है। जिला परिषद ने सभी एईएन aen से इसके लिए कार्ययोजना Preparations प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। वहीं जिले में नरेगा के तहत 12000 हजार पुराने कार्य लम्बित हैं। वहीं 4500 आवास निर्माण भी लम्बित है।
1.8 की दूर पर करना होगा काम
जिला परिषद सीईओ के अनुसार काम के दौरान कोविड-19 की एडवाइजरी को सख्ती से लागू किया जाएगा। सोश्यल डिस्टेंसिंग की पालना करना होगी। सभी को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। हर व्यक्ति 1.8 मीटर की दूरी काम करना होगा। एक श्रमिक को 13 दिन का टास्क दिया जाएगा। वह समय से पूर्व भी काम पूरा कर मेट को जानकारी देकर घर जा सकता है।
मेडिकल किट में रखा जाएगा साबुन
नरेगा कार्य के दौरान कार्य स्थल पर श्रमिकों के लिए रखी जाने वाली मेडिकल किट में अब साबुन भी रखा जाएगा। कार्य के दौरान मजदूर को चार-चार बार हाथ धोना पड़ेगा। काम करवाने से पूर्व ग्राम सेवक मेट को निर्देश देगा की कोविड covid-19 एडवाइजरी की पालना की जाए। यह भी देखा जाएगा कि श्रमिक संक्रमित तो नहीं है।
इनका कहना है
ग्रामीण क्षेत्र में नरेगा के तहत काम करवाया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है। कोविड-19 एडवाइजरी की पालना करवाई जाएगी। सिंचाई व जल संरक्षण के काम करवाए जाएंगे।
गजेन्द्र सिंह राठौड़, सीईओ जिला परिषद अजमेर
Published on:
18 Apr 2020 07:03 am
