
students research effected
अजमेर. रिश्वत प्रकरण में निलंबित मैनेजमेंट विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सतीश अग्रवाल के शोधार्थियों को नए गाइड आवंटन का इंतजार है। कुलपति के कामकाज पर रोक के चलते विश्वविद्यालय कोई फैसला नहीं कर पाया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने प्रो. सतीश अग्रवाल को बीती 15 अक्टूबर को एक शोधार्थी से 50 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा था। राजभवन के आदेश पर विश्वविद्यालय अग्रवाल को निलंबित कर चुका है। अग्रवाल के निर्देशन में शोधार्थी पीएचडी कर रहे हैं।
अब तक नहीं आवंटन
नियमानुसार विश्वविद्यालय को अग्रवाल के शोधार्थियों को नए गाइड का आवंटन करना है। इसकी स्वीकृति कुलपति देते हैं। शोध विभाग मामले को कुलपति के समक्ष भेजेगा। वहां उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर शोधार्थियों को नए गाइड का आवंटन होगा। लेकिन कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह के कामकाज पर राजस्थान हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। शोध नियमों के कुलपति के मंजूरी के बगैर गाइड आवंटन मुश्किल है।
शोध प्रवेश परीक्षा भी नहीं...
विश्वविद्यालय ने शोध प्रवेश परीक्षा (रेट) का आयोजन भी नहीं किया है। शोध के इच्छुक विद्यार्थियों को इसका लम्बे समय से इंतजार है। यह परीक्षा भी कुलपति की अनुमति के बिना नहीं हो सकती है।
Published on:
12 Feb 2019 07:19 am
