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Ajmer: प्रियंका गहलोत की मौत मामले में आया नया मोड़, कोर्ट में सुनवाई से एक दिन पहले आया था हार्ट अटैक

प्रियंका गहलोत की मृत्यु के मामले ने अब नया कानूनी मोड़ लिया है। पुलिस ने पति सहित ससुराल वालों पर दहेज हत्या, प्रताड़ना और स्त्रीधन हड़पने का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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अजमेर

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Anil Prajapat

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Updated: 26 Jul 2026, 12:11 PM IST

Priyanka Gehlot death case

प्रियंका और तेजस। पत्रिका फाइल फोटो

अजमेर। प्रियंका गहलोत की मृत्यु के मामले ने अब नया कानूनी मोड़ लिया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (संख्या-3) अजमेर के समक्ष दायर परिवाद पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने पति सहित ससुराल वालों पर दहेज हत्या, प्रताड़ना और स्त्रीधन हड़पने का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार लोहाखान मीठा कुआं वाली गली निवासी तेजकरण गहलोत ने परिवाद में उसकी पुत्री प्रियंका गहलोत को विवाह के बाद लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित करने व इसी कारण उसकी मृत्यु होने का आरोप लगाया।

गहलोत ने अजमेर कोर्ट में पेश परिवाद में बताया कि 2022 में सगाई से लेकर 23 नवम्बर 2023 को विवाह व उसके बाद तक प्रगति नगर कोटड़ा निवासी दामाद तेजस महावर, ससुर महेन्द्र महावर, सास सीमा महावर, देवर हर्ष महावर व उनके अन्य सहयोगी की मांग के अनुसार नकद राशि, सोने-चांदी के आभूषण, उपहार, घरेलू सामान और अन्य वस्तुएं दीं। विवाह के बाद भी समय-समय पर धनराशि दी जाती रही। गोवा हनीमून के लिए दो लाख रुपये नकद दिए।

कार का बनाया दबाव

आरोपी पक्ष ने कथित रूप शादी के एक साल बाद कार की मांग शुरू कर दी। प्रियंका के बीटेक होने पर ससुराल पक्ष उस पर सरकारी नौकरी का दबाव बनाता रहा। परीक्षा में असफल रहने के बाद पुत्री को ताने, मानसिक प्रताड़ना और दहेज की मांग बढ़ गई। शादी की पहली वर्षगांठ पर कार दिलवाने का दबाव बनाया गया। इस दरम्यान प्रियंका की मां सूरजदेवी की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। कार की मांग पूरी नहीं होने पर प्रियंका को ससुराल में स्वीकार नहीं कर दामाद तेजस उसे तलाक की धमकी देने लगा।

अवसाद में आई विवाहिता

प्रियंका ने अपना हस्तलिखित पत्र और महिला थाने के नाम शिकायत का मसौदा भेजकर उसको दहेज प्रताड़ना की जानकारी दी थी। उक्त परिवार महिला थाना अजमेर को भी भेजा गया था। फिर समाज के स्तर पर समझाइश के प्रयास किए, लेकिन आरोपी पक्ष के रवैये में बदलाव नहीं आया। इसके बाद वह समझाइश करने पहुंचा तो उसकी बेटी को आरोपियों ने प्रताडि़त करते हुए धक्के देकर घर से बाहर निकाल दिया। वह बेटी को अपने पास लेकर आ गया। इसके बाद तेजस महावर की ओर से विवाह विच्छेद का मुकदमा दायर किए जाने से प्रियंका गहरे अवसाद में चली गई।

सुनवाई से एक दिन पहले आया था हार्ट अटैक

परिवादी तेजकरण गहलोत के अनुसार 28 अप्रैल 2026 को न्यायालय में सुनवाई से एक दिन पहले प्रियंका की हृदयगति रुकने से मृत्यु हो गई। उनका आरोप है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना, दहेज की मांग और वैवाहिक विवाद के कारण यह स्थिति बनी। विवाह में दिया गया स्त्रीधन और अन्य उपहार भी आरोपी पक्ष ने वापस नहीं लौटाए। पुलिस को शिकायत के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर न्यायालय के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने दहेज मृत्यु, प्रताड़ना और स्त्रीधन हड़पने का मुकदमा दर्जकर जांच शुरू कर दी है।

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