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Rajasthan: समाज में ऐसे भी लोग… प्रोफेसर रीना जमा कराती हैं विद्यार्थियों की फीस, गोद लिए छह सरकारी स्कूल

अजमेर में राजकीय महाविद्यालय की प्रो. रीना व्यास मिश्रा छात्र-छात्राओं की पढ़ाई और कॅरियर बनाने में बड़ा योगदान कर रही है। इन्होंने छह सरकारी स्कूलों को गोद लिया है।
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अजमेर

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Kamal Mishra

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Updated: 24 Sep 2025, 4:29 PM IST

Professor Reena vyas Mishra

कॅरिअर काउंसलिंग के दौरान प्रो. रीना व्यास। (फोटो-पत्रिका)

अजमेर। बेटियां परिवार और समाज के लिए बहुत अनमोल हैं। इनको काबिल बनाने से समाज आगे बढ़ सकता है। सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय की जूलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. रीना व्यास मिश्रा कुछ इस अंदाज में बेटियों को बचाने के अलावा युवा छात्र-छात्राओं की पढ़ाई और कॅरियर संवारने में जुटी हैं।

प्रो. रीना ने राष्ट्रीय बालिका स्वास्थ मिशन के साथ जुड़कर बेटियां अनमोल है कार्यक्रम में कामकाज किया। उन्होंने राजस्थान सहित पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात की गांव-ढाणियों और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को कन्या भ्रूण हत्या रोकने की समझाइश की। छात्र-छात्राओं के लिए कॅरियर काउंसलिंग, मनोविज्ञान सहित अन्य परामर्श देती हैं। उनके प्रयासों से सैकड़ों परिवार प्रेरित हुए हैं।

गोद लिए सरकारी स्कूल

प्रो. रीना ने एक फाउंडेशन के साथ मिलकर छह सरकारी स्कूल गोद लिए हैं। वह जरूरत के अनुसार स्कूलों की रंगाई-पुताई, मरम्मत, टीन-शैड, फर्नीचर मुहैया कराती हैं। ताकि विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन मिलें।

जमा कराती हैं फीस

रीना ने बताया कि जरूरतमंद परिवार की बालिकाएं किसी तरह स्कूल से कॉलेज तक पहुंचती हैं। वह ऐसी छात्राओं की फीस जमा कराती हैं। किताबें-कॉपी और अन्य पाठ्य सामग्री खरीदने में मदद करती हैं। छात्राओं को सरकारी छात्रवृत्ति की योजना बताकर लाभान्वित कर चुकी हैं।

दादा से मिली प्रेरणा

रीना व्यास के दादा पंडित रामकिशोर व्यास पूर्व मंत्री के अलावा पुड्डूचेरी के उप राज्यपाल रहे हैं। उन्होंने भी 60 और 70 के दशक में राजस्थान में बालिका और महिला शिक्षा को बढ़ाने में अहम योगदान दिया था। दादा से प्रेरणा लेकर रीना भी बालिकाओं के संरक्षण और महिला शिक्षा की पक्षधर हैं। उनकी पहल से कई छात्राएं सरकारी और प्राइवेट नौकरी कर रही हैं।