
rain in ajmer
अजमेर.
जाते मई में गर्माहट कायम है। शुक्रवार को भी सुबह से देर शाम तक गर्माहट बनी रही। शनिवार अलसुबह मौसम बदला। बरसात ने रुक-रुक कर शहर को भिगोया। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। सुबह हल्की ठंडक कुछ सुकून मिला है।
शुक्रवार को दिनभर कडक़ धूप और गर्म हवा के थपेड़ों ने परेशान किया। दोपहर में सडक़ों और बाजारों ने कफ्र्यू जैसा हाल रहा। शाम तक सूरज की प्रचंडता बनी रही। कूलर और पंखे भी गर्म हवा फैंकते रहे। देर रात अचानक मौसम पलटा। शनिवार अलसुबह 12.15 से 2.30 बजे के बीच तेज गर्जना के साथ रुक-रुक कर बरसात हुई। शहर के वैशाली नगर, जयपुर रोड, स्टेशन रोड, रागमंज और अन्य इलाकों में बरसात ने भिगोया। सडक़ों पर पानी बह गया। इससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली।
दो दिन से कुछ राहत...
धौलपुर और राज्य के कुछ हिस्सों में बरसात और अंधड़ का असर मौसम पर दिखा। लगातार 44 डिग्री पर चल रहा तापमान में दो डिग्री की कमी आई है। सूरज के रोहिणी नक्षत्र में जाने के बाद नौ तपा का कहर कायम है।
मानसून पूर्व बारिश से उम्मीद
मानसून की सक्रियता से पूर्व बरसात भी होती है। मानसून के जून के पहले सप्ताह में केरल पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद यह कर्नाटक, मुम्बई, गुजरात होते हुए राजस्थान पहुंचेगा। इसके बाद ही धूप और गर्मी के तेवर कम होने के आसार हैं।
स्टूडेंट्स की सुलझाएं शिकायतें, बनाएं ग्रीवेंस सेल
अजमेर. कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते यूजीसी ने सभी कॉलेज और विश्वविद्यालयों को ग्रीवेंस सेल बनाने को कहा है। इसमें विद्यार्थियों की शैक्षिक, कॅरियर और अन्य शिकायतों का ऑनलाइन समाधान किया जाएगा।
कोविड-19 वायरस संक्रमण और लॉकडाउन के चलते देश के केंद्रीय और राज्यों के विश्वविद्यालय एवं कॉलेज बंद हैं। ज्यादातर संस्थानों में विद्यार्थियों की परीक्षाएं अटकी हैं। इनमें वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाएं शामिल हैं। हालांकि उच्च शिक्षण संस्थानों ने ऑनलाइन कक्षाएं कराई हैं। ई-कंटेंट, वीडियो अपलोड किए हैं। फिर भी कई शहरी-ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में विद्यार्थियों के पास तकनीकी सुविधाएं नहीं हैं।
Published on:
30 May 2020 07:01 am
