
खाद फर्मों के लाइसेंस निलंबित (पत्रिका फाइल फोटो)
जयपुर: अजमेर जिले के किशनगढ़ में खाद बनाने वाली 13 फैक्ट्रियों और फर्मों के लाइसेंस 14 दिन के लिए निलंबित किए गए हैं। इन फर्मों में बनने वाली खाद के नमूनों की रिपोर्ट अमानक प्राप्त हुई है।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक (आदान) नवल किशोर मीना ने बताया कि खाद के नमूने फेल आने पर कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीना के निर्देशानुसार किशनगढ़ के उदयपुर कलां स्थित श्री गोवर्धन एग्रो, भूमि एग्रो इंडस्ट्रीज, राघव एग्रो इण्डस्ट्रीज, मंगलदीप बायो फर्टीलाइजर्स एण्ड केमिकल्स टीकावड़ा, अतिशय बायोटेक पाटन और ट्रॉपीकल एग्रो सिस्टम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड तिलोनिया के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
वहीं, दिव्या एग्रोफर्ट इण्डस्ट्रीज नलू, ग्रीन एग्रो इण्डस्ट्रीज बांदरसिंदरी, शम्भू बायो फर्टिलाइजर चौसला, श्री एग्रो अल्मास इंदोली, राधिका एग्रो इण्डर्स्ट्रीज डींडवाड़ा, एक्वा एग्री प्रोसेसिंग पाटन और श्रीनाथ एग्रो इण्डस्ट्रीज टीकावड़ा के लाइसेंस निलंबित किए हैं।
किशनगढ़ क्षेत्र से लिए गए खाद के नमूनों के परीक्षण, रिपोर्ट तैयार करने एवं सूचना संग्रहण में गुण-नियंत्रण के अधिकारियों की लेटलतीफी भी सामने आई है। ऐसे अधिकारियों पर विभाग की ओर से कार्रवाई की तैयारी है।
ज्ञात है कि खाद निर्माण करने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने में ढिलाई बरतने एवं मिलीभगत सामने आने को लेकर विभाग की ओर से पूर्व में 11 अधिकारियों के खिलाफ निलंबन कार्रवाई की जा चुकी है।
कृषि विभाग की कार्रवाई में पता चला की किशनगढ़ क्षेत्र में तीन फर्में बिना लाइसेंस के ही खाद बना रही थी। मेसर्स सनसाइन एडिबल ऑयल चौसला एवं मैसर्स सत्वम एग्रो प्राइवेट लिमिटेड बांदरसिंदरी में बिना लाइसेंस खाद बनाया जा रहा था। मैसर्स कमला बायोटेक पाटन की ओर से लाइसेंस बहुत पहले ही सरेंडर कर दिया था। लेकिन खाद का निर्माण जारी रखा। इनके खिलाफ सीज कार्रवाई के बाद पुलिस प्रकरण की कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है।
Published on:
26 Jun 2025 08:02 am
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