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Rajasthan Ka Ran: यों ही मिल गया था टिकट – शादी से लौटे तो लेटर बॉक्स में मिला टिकट

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अजमेर

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Dinesh Saini

Oct 13, 2018

election

अजमेर।

कहते हैं कि राजनीति में चुनावी टिकट किस्मत से भी मिल जाया करता है। अजमेर के पुराने कांग्रेसी रामबाबू शुभम ने 1977 में अपने भांजे की शादी में मायरा भरने हरियाणा के भिवानी गए हुए थे। उस समय पार्षद रहे शुभम ने न तो टिकट की दावेदारी की और न ही टिकट मिलने की कोई उम्मीद थी। शादी से जिस दिन अजमेर लौटे उसके दूसरे दिन विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने का अंतिम दिन था।

लेटर बॉक्स जांचा तो उसमें अन्य पत्रों के साथ एक विशेष लिफाफा भी नजर आया। खोला तो उसमें पार्टी का टिकट मिला। रात भर नामांकन भरने के लिए जरूरी दस्तावेज संभाले और दूसरे दिन जाकर नामांकन दाखिल कर दिया। ये दीगर बात है कि वे तत्कालीन अजमेर पूर्व से चुनाव हार गए थे।

अनदेखी से अन्नदाता निराश
जयपुर। सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक के कृषि उपज खरीद संबंधी दावों को निराधार बताते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा, जनता को गुमराह किया जा रहा है। भाजपा सरकार में किसान व खेती की अनदेखी से अन्नदाता निराश ही रहा है।

कांग्रेस की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में प्रदेशाध्यक्ष पायलट ने कहा, सहकारिता मंत्री बताएं कि किसानों को फसल के समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ा। खरीद नहीं होने पर फसल को औने-पौने दामों पर क्यों बेचना पड़ा।

इधर, प्रवक्ता प्रताप सिंह खाचरियावास ने 150 किसानों के आत्महत्या करने का दावा करते हुए किलक को इन किसानों के परिजनों से बहस करने की चुनौती दी है।