Inspirational: अजमेर में सुंदरविलास बापूनगर निवासी नीलम काला ने संघर्ष के दौर में कुकिंग को रोजगार बना लिया। पति के बिज़नेस में नुकसान के बाद मठरी, नमकीन और मिठाई बनाकर होम डिलीवरी शुरू की और परिवार को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया।
…चंद्रप्रकाश जोशी
Inspirational: अजमेर: जिंदगी में खुशी और गम का पहिया अनवरत चलायमान रहता है। संघर्ष के पल जिंदगी में खुद से लड़ना ही नहीं सिखाते, बल्कि मजबूत करते हैं। परिवार की खुशियों के बीच ऐसा दौर भी आता है, जिसमें ऐसा लगता है कि हंसते खेलते परिवार को किसी की नजर लगी।
ऐसे समय में घबराएं नहीं, उसे धैर्य एवं मेहनत के साथ जीवटता का परिचय दें। यह निश्चित मानिए कि फिर आपके अच्छे दिन लौटने वाले हैं। यह कहना है अजमेर स्थित सुंदरविलास बापूनगर निवासी नीलम हर्षकुमार काला का।
नीलम का कहना है कि परिवार के लिए मजबूत कंधे के रूप में आर्थिक धुरी की बागडोर संभालने के लिए तैयार रहें। नीलम ने अपने जीवन के संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि जब पति के बिजनेस में नुकसान हुआ तो उन्होंने सोचा कि यही समय है जब वह भी कुछ कर सकती हैं।
घर में रहकर खाने-पीने के सामान बनाने, कुकिंग का तो शौक था ही, उन्होंने मठरी, सांखें आदि बनाकर सहेलियों व परिचितों को परोसा तो उन्होंने तारीफ की। फिर क्या उन्होंने होम मेड कुकिंग आइटम्स के काम को विस्तार देना शुरू किया।
अब मिठाई, नमकीन व अन्य व्यंजन का बढ़ाया काम, दो आइटम्स के बाद अब पांच तरह की नमकीन, अलग-अलग तरह की मिठाई सहित अन्य व्यंजन बनाकर होम डिलीवरी की जा रही है। करीब आठ-दस साल में कारोबार इतना बढ़ गया कि अब चलाकर ऑर्डर आते हैं। यही नहीं रेपिडो के माध्यम से घर तक सप्लाई भी की जाती है। नीलम के थेपले की डिमांड अन्य शहरों से भी आ रही है।
आठ-दस साल में नीलम ने अपने पति के साथ मिलकर काम को इतना बढ़ाया दिया कि दोनों बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के साथ एक का विवाह भी कर दिया। अब आर्थिक रूप से परिवार सक्षम है। दम्पती ने सहयोग, समर्पण और मेहनत के बल पर अलग से पहचान बनाई है।