
RBSE REET PAPER OUT CASE
अजमेर. रीट पेपर लीक (REET PAPER OUT) मामले में प्रो. डी.पी. जारोली की बर्खास्तगी के बाद राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में जांच का दायरा चिले स्तर तक पहुंचेगा। एसओजी रीट में अहम पदों पर तैनात और कामकाज संभालने वाले अधिकारियों और कार्मिकों से पूछताछ कर सकती है। ताकि रीट-2022 के आयोजन से पहले संदेह की कोई गुंजाइश नहीं रहे।
एसओजी जयपुर स्थित शिक्षा संकुल के स्ट्रॉन्ग रूम से रीट का पेपर लीक (REET PAPER OUT) मामले की जांच कर रही है। सीएम अशोक गहलोत (CM ASHOK GEHLOT)के निर्देश पर शुक्रवार देर रात प्रो. डी.पी. जारोली को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर दिया गया। लेकिन एसओजी को कई एंगल पर अभी जांच करनी है।
निचले स्तर तक पूछताछ
प्रो. जारोली और सचिव अरविंद सेंगवा के खिलाफ एक्शन के बाद एसओजी (SOG INQIURY)की जांच का दायरा अब नीचे की ओर बढ़ेगा। रीट कार्यालय सहित परीक्षा आयोजन के दौरान कार्यरत बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी और संविदा पर कार्यरत सेवानिवृत्त अफसर एसओजी की रडार पर हैं।
यह हो सकते हैं एसओजी जांच के खास पहलू...
रामकृपाल मीणा, उदाराम विश्नोई, भजनलाल और अन्य का गिरोह से लिंक
कहीं रीट में कार्यरत बोर्ड केअधिकारी-कार्मिकों की मिलीभगत तो नहीं
पेपर आउट करने वाले आरोपी और प्रिंटिंग प्रेस की लिप्तता
-जयपुर के कलक्टर-एसपी द्वारा शिक्षा संकुल में सुरक्षा व्यवस्था
-प्रदीप पाराशर की रामकृपाल और अन्य की तैनाती में भूमिका
-प्रो. जारोली और निलंबित सचिव सेंगवा की 23-24 सितंबर 2021 की लोकेशन
समिति रहेगी या होगी भंग
बोर्ड को मई में रीट-2022 करानी है। इसके लिए प्रो. जारोली ने 3 जनवरी को समन्वय समिति बनाई है। इसमें बोर्ड सचिव सेंगवा, अतिरिक्त समन्वयक प्रो.मदन लौरी, राजस्थान विवि के मुख्य लेखाधिकारी, पूर्व परीक्षा नियंत्रक जी.के. माथुर और अन्य शामिल किए गए। प्रो. जारोली की बर्खास्तगी के बाद समिति के बने रहने पर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकार अथवा प्रशासक कमेटी को यथावत अथवा भंग करने का फैसला ले सकते हैं।
रीट 2022 कड़ी चुनौती
रीट 2021 के पेपर लीक कांड के चलते सरकार का सिरदर्द बढ़ा हुआ है। मई में करीब 20 हजार पदों के लिए रीट-2022 का आयोजन होना है। इससे पहले राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को विज्ञापन जारी कर आवेदन लेने हैं। साथ ही पेपर प्रिंटिंग, केंद्र निर्धारण और परीक्षा को सुरक्षा और पारदर्शिता से आयोजन कराना है। सबसे बड़ी चुनौती पेपर सुरक्षा की है। सरकार ने समय पर परीक्षा नहीं कराई तो बेरोजगार युवाओं में आक्रोश फैल सकता है।
Published on:
30 Jan 2022 08:00 am
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