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हंगामा करना पड़ गया महंगा, एक झटके में चली गई जनाब की नौकरी

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अजमेर.

शाहपुरा डिपो से अजयमेरू आगार को भेजी गई मिडी बसों को लेकर अजयमेरू आगार के मुख्य प्रबन्धक के कक्ष में हंगामा करने तथा धरना देने वाले कर्मचारियों खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्य प्रबंधक ने आगार के यातायात प्रबन्धक से इसकी रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होगी। मामले की रिपोर्ट मुख्यालय भी भेजी जाएगी।

वहीं आगार के अप्रेन्टिस शाहरूख खान को हटा दिया गया। जारी आदेशों को अनुसार प्रशिक्षण काल के दौरान कार्य एवं आचरण संतोषप्रद नहीं पाए जाने, मुख्य प्रबन्धक के कक्ष में मोबाइल से फोटोग्राफी तथा माहौल खराब करने के मामले में कार्रवाई की गई। मुख्य प्रबन्धक के कक्ष में अजयमेरू आगार की कार्यशाला के कर्मचारियों ने हंगामा किया तथा धरना दिया। इस दौरान कार्यशाला में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। कर्मचारियों के साथ ही कुछ अप्रेंटिस भी धरना देने पहुंचे।

उकसा रहे बाहरी तत्व

कुछ समय से रोडवेज की नेतागिरी कलक्ट्रेट के बाहर घूमने वाले दूसरे विभागों के सेवानिवृत्त कर्मचारीनेता कर रहे हैं। वे रोडवेज के मुद्दों व हड़ताल आदि को लेकर बस स्टैंड पर हर समय नेतागिरी करते नजर आते हैं। राजनीतिक दलों के नेताओं, अफसरों तथा मीडिया के सामने भी खुद को बतौर रोडवेज का कर्मचारी नेता ही पेश करते हैं।

मंच संचालन भी..

हड़ताल के दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं के सामने खुद को रोडवेज का जानकार मानते हुए मंच संचालन भी करने लगते हैं। हद तो तब हो जाती है जबकि न्यायालय के आदेश पर होने वाली कार्रवाइयों का श्रेय भी वे खुद ही लेने लगते हैं। रोडवेज कर्मचारियों को लेकर ये बाहरी नेता मुख्य प्रबन्धक के कक्ष में घुसने का प्रयास कर रहे थे लेकिन मुख्य प्रबन्धक ने इन्हें कक्ष से बाहर निकाल दिया।

मिडी बसों के मामले में परिवहन मंत्री, रोडवेज चेयरमैन, एमडी को पहले ही अवगत करवा जा चुका है। 5 फरवरी को एमडी को पत्र भी लिखा गया था। ऐसे में कार्यशाला का काम रोककर प्रदर्शन करना ठीक नहीं है। तीन कर्मचारी भी आकर ज्ञापन दे सकते थे फिर हंगामे की क्या आवश्यकता थी।

-सुखपाल बिलोनिया, मुख्य प्रबन्धक अजयमेरू आगार