15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan : सब इंस्पेक्टर भर्ती को लेकर आई ये बड़ी खबर, एसओजी का रडार अब इस तरफ घूमा

RPSC SI Exam Paper Leak Case : सब इंस्पेक्टर-प्लाटून कमांडर भर्ती-2021 को लेकर एसओजी का रडार जल्द राजस्थान लोक सेवा आयोग के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा की तरफ घूम सकता है।

2 min read
Google source verification
RPSC SI Exam Paper Leak Case SOG Babulal Katara

अजमेर। सब इंस्पेक्टर-प्लाटून कमांडर भर्ती-2021 को लेकर एसओजी का रडार जल्द राजस्थान लोक सेवा आयोग के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा की तरफ घूम सकता है। कटारा वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा पेपर लीक कांड के दौरान सब इंस्पेक्टर भर्ती के इंटरव्यू ले रहा था। एसओजी कटारा की सब इंस्पेक्टर पेपर सेटिंग के आधार पर जांच करेगी।

एसओजी ने कटारा को पिछले साल 18 अप्रेल को वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2022 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया था। कटारा के अलावा उसके भांजे विजय डामोर और आयोग के ड्राइवर गोपालसिंह को भी इसी मामले में दबोचा गया था। कटारा के सिविल लाइंस स्थित आवास पर ही डील हुई थी।

एसओजी की नजरें पेपर पर..
आयोग के अधिकृत सूत्रों के अनुसार एसओजी की नजरें सब इंस्पेक्टर परीक्षा-2021 के पेपर पर हैं। एसओजी का रडार अब कटारा द्वारा पेपर सेटिंग करने की तरफ घूम सकता है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी जगदीश विश्नोई कटारा के संपर्क में था। एसओजी को आशंका है कि सब इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर भी वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा के पेपर की तर्ज पर लीक हुआ है।

यह भी पढ़ें : युवाओं की मांग राजस्थान SI भर्ती रद्द करो, जॉइन नहीं करने वालों के नियुक्ति आदेश निरस्त

मजे से ले रहा था इंटरव्यू
सब इंस्पेक्टर भर्ती-2021 के तहत आयोग ने 3293 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए उत्तीर्ण घोषित किया था। यह साक्षात्कार पिछले साल 23 जनवरी से शुरू हुए थे। वरिष्ठ अध्यापक पेपर लीक मामले में ग्रिफ्तारी से पहले कटारा मजे से इंटरव्यू ले रहा था। उसके द्वारा लिए गए इंटरव्यू भी संदेह के घेरे में है।

अब तक नहीं हुआ बर्खास्त
पेपर लीक कांड में आयोग को दागदार करने वाले कटारा को राज्यपाल ने सिर्फ निलंबित किया है। उसकी बर्खास्तगी का मामला राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट स्तर पर अटका हुआ है। संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत संघ अथवा राज्य लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को हटाने और निलंबित करने का प्रावधान निर्धारित है। इसके अनुसार अध्यक्ष अथवा सदस्य के मामले में खंड (1) के अधीन उच्चतम न्यायालय को निर्देशित किया गया है।