सम्मान समारोह में नेताओं को ना बुलाना पड़ा महंगा, समर्थकों ने जमकर मचाया उत्पात, कुर्सियां फेंक किया हंगामा

सम्मान समारोह में नेताओं को ना बुलाना पड़ा महंगा, समर्थकों ने जमकर मचाया उत्पात, कुर्सियां फेंक किया हंगामा

Nidhi Mishra | Publish: Sep, 09 2018 02:59:45 PM (IST) Ajmer, Rajasthan, India

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पुष्कर/ अजमेर। पुष्कर की रावत धर्मशाला में रावत महासभा की ओर से आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में समाज के चुने गए जनप्रतिनिधियों की जमात में बात बिगड़ गई। संसदीय सचिव सुरेश सिंह रावत, पूर्व सांसद रासा सिंह रावत एवं पीसांगन पंचायत समिति के वर्तमान प्रधान अशोक सिंह रावत को इस आयोजन में कोई तवज्जो नहीं दी गई। इसी का विरोध करने आए कुछ समर्थकों ने आयोजन स्थल पर हंगामा किया।

 

 

कुर्सियां चलीं
हालांकि आयोजनकर्ताओं ने आयोजन को पूरी तरह गैर राजनीतिक बताते हुए उनको हंगामा करने से मना किया, लेकिन वे नहीं माने। इसी बात को लेकर काफी हंगामा खड़ा हो गया। हालत यह हो गई कि नेताओं के समर्थक युवकों को पिटाई करके आयोजन स्थल से बाहर खदेड़ दिया गया। इस दौरान सम्मान समारोह कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।

 

 

यूं हुई हंगामे की शुरुआत
हंगामे की शुरुआत मंच से पुष्कर के गनाहेड़ा पंचायत के पूर्व सरपंच एवं रावत महासभा के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत राम सिंह रावत को समाज की ओर से समाज रत्न दिए जाने के दौरान हुई। आरोप है कि सम्मान दिए जाने के दौरान मंच के पास कुछ एकत्र हुए तथा उन्होंने आयोजनकर्ताओं से इस आयोजन में संसदीय सचिव सुरेश सिंह रावत, पीसांगन पंचायत समिति के प्रधान एवं पूर्व सांसद रासा सिंह रावत को आयोजन में नहीं बुलाने का विरोध किया। उनका कहना था कि समाज के नेता भी हमारे समाज के एक अंग हैं। उनको भी बुलाया जाना चाहिए था। इसी बात को लेकर काफी हंगामा हो गया।

 


विरोध कर रहे युवकों एवं आयोजन कर्ताओं के बीच कुर्सियां चलीं, मारपीट हो गई। हालत यह हो गई कि काफी संख्या में मौजूद आयोजन कर्ताओं ने विरोध कर रहे युवकों को मारपीट कर आयोजन स्थल से बाहर खदेड़ दिया तब जाकर मामला शांत हो पाया। इस दौरान कुछ समय के लिए समारोह और रोक दिया गया।

 


रावत महासभा के प्रदेश अध्यक्ष शैतान सिंह रावत की मानें तो आयोजन पूरी तरह से गैर राजनीति का था। इसमें समाज के किसी भी नेता को आमंत्रण नहीं दिया गया था। केवल समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के मकसद से सम्मान करने का कार्यक्रम ही तय था। अध्यक्ष डॉक्टर शैतान सिंह का आरोप था कि समाज के कार्यक्रम को भंग करने के मकसद से कुछ असामाजिक तत्वों ने इस प्रकार का कृत्य किया, जो निंदनीय है।

 


वहीं दूसरी ओर विरोध करने आए जिला परिषद सदस्य मदन सिंह रावत का आरोप था कि समाज के चुने हुए प्रतिनिधि भी समाज का एक अंग है। संसदीय सचिव सुरेश सिंह रावत, पूर्व सांसद रासा सिंह रावत एवं पीसांगन पंचायत समिति के प्रधान अशोक सिंह रावत को समाज के मंच पर नहीं बुलाना जायज नहीं है। मदन सिंह रावत का आरोप है कि रावत महासभा की नई कार्यकारिणी समाज को दो भागों में बांट बांट रही है, जो गलत है।

 


यहां यह बताना भी बहुत जरूरी है कि पिछले कुछ दिनों से रावत महासभा के प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के बाद से लेकर अब हालातों पर नजर डाली डाली जाए तो संसदीय सचिव सुरेश सिंह रावत का रावत समाज में पुरजोर विरोध बढ़ता जा रहा है। रावत समाज के कद्दावर नेता का आरोप है कि संसदीय सचिव सुरेश सिंह रावत ने रावत समाज के हित के लिए कोई कार्य नहीं किया। यही कारण रहा कि आज प्रतिभा सम्मान समारोह में सचिव सुरेश सिंह रावत के खिलाफ उपजा समाज का विरोध हंगामे में तब्दील हो गया।

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