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जश्न ए आजादी…अजमेर में तिरंगे को दी गई थी तोपों की सलामी

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दिलीप शर्मा/अजमेर।

15 अगस्त 1947 क ो जब देश आजाद हुआ था तब न तो टेलीविजन थे न इंटरनेट न अन्य प्रचार के साधन। उस दौर के समाचार केवल समाचार पत्रों व रेडियो से ही दी जाती थी। आजादी के 70 वी वर्षगांठ पर पत्रिका से जुड़े व पुरा महत्व की वस्तुओं को संजो कर रखने वाले भारतीय जीवन बीमा निगम के अधिकारी रहे बी. एल. सामरा ने भारत की आजादी के समारोह की रोचक पहलुओं की जानकारी दी।

हम बात कर रहे हैं 15 अगस्त 1951 की। अजमेर-मेरवाड़ा पृथक राज्य था। इसके पांच वर्ष बाद 1956 में अजमेर का राजस्थान में विलय हुआ। वर्तमान राजस्थान का एकीकरण इसी के साथ संपन्न हुआ। अजमेर में 1967 में राज्य स्तरीय स्वाधीनता दिवस मनाया गया था।

मुख्य समारोह पटेल मैदान में सुबह 9 बजे हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य आयुक्त ने की। चीफ कमिश्नर या मुख्य आयुक्त ने सलामी मंच पर पहुंचने के बाद परेड ने अपने शस्त्र उठाकर सलामी दी। इसके बाद ध्वजारोहण किया गया। राष्ट्रगीत को भी सैन्य अंदाज में सलामी दी गई। कमिश्नर ने परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान तीन तापों की सलामी राष्ट्रीय ध्वज को दी गई।

इस मौके पर राज्य के तमाम सरकारी कार्यालयों में उनके प्रमुखों की ओर से ध्यवजारोहण किया गया। परेड ने कौमी एकता का नारा लगाया। चीफ कमिश्नर ने मैडल और पूर्व सैनिकों को सितारे लगा कर नवाजा तथा पारितोषिक दिए गए।

इस मौके पर एनसीसी व अन्य संस्थाओं ने मार्च पास्ट किया। डिप्टी कमिश्नर ए. आर.सिद्दीकी ने स्वाधीनता दिवस के कार्यक्रम के लिए पेम्फ्लैट्स जनसाधारण को वितरित कर निमंत्रण दिए गए थे। शताब्दियों बाद भारत में आजादी का मंगल प्रभात

- देश की राजधानी दिल्ली व मुंबई में चुनिंदा अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र व इक्का दुक्का हिंदी दैनिक समाचार पत्रों का प्रकाशन होता था।

- देश व विदेश के समाचारा पत्रों में भारत की ब्रिटिश राज्य की समाप्ति और देश की आजादी के समाचार प्रमुखता से प्रकाशित होते थे

- देशभर के सभी समाचार पत्रों ने अपने पूरे कवर पेज को इस आशय के समाचारों से भरा था, आज भी यह समाचार पत्रों की प्रतियां संग्रहालयों में सुरक्षित है

- हिन्दुस्तान समाचार पत्र की हैडलाइन थी शताब्दियों की दासता के बाद भारत में स्वतंत्रता का मंगल प्रभात। अंतरराष्ट्रीय संवाद ऐजेंसी रायटर्स ने इस दिन को भारत के लिए एक भाग्य का दिन बताया।

- दैनिक विश्वामित्र ने लिखा - स्वराज्य के सूर्योदय से दिल्ली में नई रौनक। इसी प्रकार द टाइम्स ऑफ इंडिया,न्यूयार्क टाईम, अमृत बाजार पत्रिकाके कवर पेज भी आजादी के समाचारों से रंगे थे।