
train loot culprits
अजमेर.
फिल्मी अंदाज में बांद्रा-उदयपुर ट्रेन (train loot) से पौने तीन करोड़ रुपए कीमत के जेवरात चोरी का राजकीय रेलवे पुलिस ने पर्दाफाश करने में कामयाबी हासिल की है। चोरी की बड़ी वारदात मुम्बई की यश गोल्ड कम्पनी के कर्मचारी के इशारे पर अंजाम दी गई। पुलिस ने मुम्बई से आरोपी कर्मचारी व उसके साथी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं वारदात अंजाम देने वाले कुख्यात बदमाश दीपक जोशी उर्फ दीपिया समेत 3 जनों की तलाश में जुटी है। स्पेशल टीम ने दीपक की महिला मित्र के घर चोरी की 15 तोले की ज्वैलरी, भूखंड के दस्तावेज व कार बरामद किए है।
थानाधिकारी रामअवतार चौधरी ने बताया कि जीआरपी अजमेर क्षेत्र में 6 जनवरी को चलती ट्रेन से मुम्बई की यश गोल्ड कम्पनी का पौने 3 करोड़ की ज्वैलरी से भरा बैग चोरी हो गया। परिवादी नरेन्द्रकुमार व विपुल रावल ने चित्तौडगढ़़ जीआरपी थाने में मुकदमा कराया। एसपी पूजा अवाना के निर्देश पर सीओ उदयपुर श्यामलाल मीणा, अजमेर जीआरपी स्पेशल टीम ने तलाश शुरू की। मुखबिर की सूचना पर जीआरपी की एक टीम मुम्बई के लिए रवाना हुई।
कर्मचारी रहा टारगेट पर
अनुसंधान में यश गोल्ड कम्पनी के कर्मचारी बाली (पाली) सेवाड़ी हाल मुम्बई पालघर निवासी नरपत कुमार माली, उसके साथी पाली हाल फालना कुड़ाला हाल यश गोल्ड कम्पनी मुम्बई निवासी दिनेश कुमार चौधरी को संदिग्ध मानते हुए पड़ताल की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस को पुलिस को दीपक जोशी, सुरेश कुमार और लक्ष्मण कुमार उर्फ लक्ष्मण देवड़ा की तलाश है।
दीपक को चुना
पूछताछ में दिनेश चौधरी ने बताया कि चोरी की वारदात के लिए उसने पाली जिले के बाली सेवाड़ी हाल देसूरी निवासी दीपक जोशी उर्फ दीपिया को चुना। दीपक ने जालोर भीनमाल निवासी सुरेश कुमार व सिरोही कैलाशनगर निवासी लक्ष्मण कुमार माली उर्फ लक्ष्मण देवड़ा के साथ मिलकर वारदात अंजाम दी। दिनेश ने पुलिस को बताया कि यश गोल्ड कम्पनी से निकलने वाली ज्वैलरी कहां, कैसे, कौन लेकर रवाना होगा? इन सबकी उसको जानकारी रहती है।। उसने दीपक उर्फ दीपिया को विपुल रावल, नरेन्द्र कुमार के 6 जनवरी को बान्द्रा उदयपुर ट्रेन (train loot) में ज्वैलरी लेकर उदयपुर के लिए रवाना होने की सूचना दी थी। दीपक ने अपने 6-7 साथियों के साथ चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
Published on:
18 Apr 2019 07:44 am
