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यूं ही भुला दिया इस प्रमुख परीक्षा को, वरना मिलता जबरदस्त फायदा

2015 के बाद नहीं हुआ परीक्षा। आरपीएससी को नहीं मिली कोई मांग
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set exam in rajasthan

set exam in rajasthan

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

कॉलेज-यूनिवर्सिटी शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अहम समझने जाने वाली राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) को सरकार और अभ्यर्थियों ने भुला दिया है। दो साल से प्रदेश में सेट परीक्षा नहीं हुई है। राजस्थान लोक सेवा आयोग को सरकार एवं अभ्यर्थियों से कोई मांग नहीं मिली है। जबकि आयोग में सेट का दफ्तर बाकायदा स्थापित है।

कॉलेज और यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) कराई जाती रही है। 29 विषयों के लिए यह परीक्षा राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से होती रही है। आयोग ने अंतिम बार वर्ष 2015 में सेट परीक्षा कराई थी। इसके बाद दो साल से परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ है।

यूजीसी की नेट परीक्षा में रुचि...
मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी में सहायक आचार्य (लेक्चरर) की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) जरूरी किया है। इसके चलते अभ्यर्थियों की नेट परीक्षा देने में रुचि ज्यादा बढ़ी है। हालांकि नेट उत्तीर्ण करने के बाद भी विद्यार्थियों को संबंधित राज्यों की पात्रता परीक्षा या विषयवार सीधी भर्ती परीक्षा देनी पड़ती है। इसमें उत्तीर्ण होने के बाद ही वे शिक्षक बनते हैं। इस मामले में यूनिवर्सिटी स्वायत्तशासी संस्थान होने से शिक्षकों की नियुक्तियां खुद करते हैं।

अभ्यर्थियों से नहीं आई मांग
राजस्थान लोक सेवा आयोग के सेट के पूर्व सदस्य सचिव डॉ. दिनेश गुप्ता की मानें तो दो साल से अभ्यर्थियों से राज्य पात्रता परीक्षा की मांग नहीं है। सरकार ने भी परीक्षा को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं। इसके चलते सेट परीक्षा नहीं कराई गई है। मालूम हो कि आयोग में सेट का कार्यालय अब तक स्थापित है।

आयोग ने लिखा था सरकार को पत्र
राज्य पात्रता परीक्षा को लेकर राजस्थान लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ललित के पंवार ने सरकार को पत्र लिखा था। इसमें आयोग पर कामकाज की दबाव होने से पात्रता परीक्षा किसी अन्य संस्था से कराने का आग्रह किया गया। इसके बावजूद सरकार ने कोई फैसला नहीं किया है। कायदे से राज्य पात्रता परीक्षा किसी विश्वविद्यालय या इसके समकक्ष संस्थान स्तर पर होनी चाहिए। सरकार ने इस पर कभी विचार नहीं किया है।