
ashok gehlot
मदनगंज-किशनगढ़. ‘मुख्यमंत्री के रूप में मेरी तो पहली पसंद अशोक गहलोत ही है, आगे हाईकमान का जो फैसला होगा वही मान्य होगा’ यह कहना है पूर्व विधायक नाथूराम सिनोदिया का। राजस्थान पत्रिका से हुई विशेष बातचीत में उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में इस बार कांग्रेस फिर से सत्ता में आएगी। सिनोदिया से हुई बातचीत के प्रमुख अंश -
सवाल : 2008 से 2013 में आपके विधायक काल की महत्वपूर्ण उपलब्धि क्या रही, जिसका आम आदमी को फायदा मिला?
सिनोदिया : मैंने हमेशा जनता के हित के काम ही किए। सरकार से दो बार पांच-पांच करोड़ रुपए लेकर आया और किशनगढ़ की सडक़ों को सुधारा गया। अब रोज नई सडक़ खोद दी जाती है, पूरी सडक़ें उधेड़ कर रख दी। कांग्रेस सरकार ने किशनगढ़ में हवाई अड्डा, राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय और टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए हैं। हमारी सरकार में न बिजली के दाम बढऩे दिए और न ही पेट्रोल डीजल की दरें।
सवाल : पांच साल आप शासन से दूर रहे, इस दौरान क्या आपने विपक्ष का ईमानदारी से दायित्व निभाया?
सिनोदिया: मैं लगातार गांवों और शहरी क्षेत्र में घूमता रहा हूं और सरकार के गलत कार्यों का विरोध भी करता रहा हूं। जनता की परेशानियों और समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन दिए, आंदोलन किए। किशनगढ़ में पुराने रेलवे स्टेशन की जगह सब स्टेशन की पुरजोर मांग उठाई, लेकिन कुछ नहीं किया जा रहा।
सवाल : किशनगढ़ के विकास के लिए आपके पास भविष्य की क्या योजना है या फिर जातिगत आधार पर ही चुनाव लड़ेंगे?
सिनोदिया : मैंंने कभी जातिवाद की राजनीति नहीं की और न ही भविष्य में करूंगा। छत्तीस कौम मेरी ही जाति हंै। मैंने हमेशा सभी जाति के लोगों को प्रोत्साहित किया। कांग्रेस के समय के जो काम भाजपा की सरकार ने रोक दिए उन्हें फिर से गति दी जाएगी।
सवाल : कांग्रेस सरकार आती है तो फिर आप मुख्यमंत्री के रूप में किसे पसंद करेंंगे, अशोक गहलोत या सचिन पायलट?
सिनोदिया : मेरी तो मुख्यमंत्री के रूप में अशोक गहलोत ही पहली पसंद हैं। फिर पार्टी हाईकमान जिसे बनाएगी, उसी की ही मानेंगे।
सवाल : सरकार की गौरव यात्रा को लेकर आपका क्या कहना है?
सिनोदिया : गौरव यात्रा मेरी नजर में तो एकदम फेल है। केवल धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
सवाल : विधायक भागीरथ चौधरी के पांच साल के कार्यकाल को किस रूप में देखते है?
सिोदिया : सरकारी तंत्र का लगातार दुरुपयोग किया गया। उन्होंने केवल जमीनें खरीदी-बेची हंै और मालामाल हो गए। जनता भुगत रही है। मूंग और बाजरे की अब तक समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं की गई और प्रदेश का किसान परेशान है। लोगों को पीने का पानी भी टैंकरों से खरीदना पड़ रहा है।
Published on:
03 Oct 2018 09:26 am
