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कुछ उद्योगों को मिली अनुमति, शेष को इंतजार

मॉडिफाइड लॉक डाउन 2.0 : जो खुले उन्हें भी जटिल सरकारी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा
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 Textile industry felt corona virus, production reduced, helplessness in low wages

Textile industry felt corona virus, production reduced, helplessness in low wages

अजमेर. कोरोना corona महामारी के कारण सोमवार को मॉडीफाइड modyfied लॉकडाउनlockdown 2.0 लागू हो गया। उद्योग industries जगत को मॉडिफाइड लॉक डाउन से बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन कुछ उद्योगों की उम्मीद पूरी हो सकी। वहीं अधिकतर remaining उद्योगों को अभी भी खुलने का इंतजार waiting है। जो उद्योग खुले उन्हें भी जटिल सरकारी प्रक्रियाओ से गुजरना पड़ा। मॉडिफाइड लॉक डाउन के तहत सोमवार को जिले में जिला उद्योग केन्द्र व रीको ने 46 उद्योगों को खोलने की अनुमति permissionजारी की। इनमें खाद्यान, दवाइयों व तथा अन्य श्रेणी के उद्योग शामिल हैं। 650 मजदूरों को पास जारी किए गए। जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक रवीश शर्मा ने बताया कि सरकारी गाइड लाइन के अनुसार उद्योग धंधे खोले जा रहे हैं। कफ्र्यूग्रस्त व संवेदनशील एरिया में अनुमति जारी नही की जा रही है। अजमेर में कोई भी उद्योग रेड,ऑरेंज व ग्रीन जोन में नहीं है। अधिकतर उद्योग रीको एरिया में है। शेष ग्रामीण क्षेत्र में हैं जहां कोरोना का असर उद्योगों पर नहीं है।

नाममात्र की अनुमति
औद्योगिक संगठनों का कहना है कि जिले में केवल 46 औद्योगिक इकाइयों को अनुमति दी गई है। यह संख्या जिले में उद्योगों की संख्या को देखते हुए बेहद कम है।

किशनगढ़ मार्बलमंडी में लॉक डाउन
सरकार की सख्त एडवाइजरी के साथ ही रीको और उद्योग विभाग की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण मार्बल मंडी में कारोबार शुरु नहीं हो सका। उद्यमियों के समक्ष ऑपरेटर व हेल्पर की कमी की भी समस्या है। जिले के सरहदी क्षेत्र जैसे नागौर आदि में कोराना पॉजिटिव रोगी मिलने से उद्यमियों की रुचि कम है। पावरलूम फैक्ट्रियां शहरी क्षेत्र में होने की वजह से शुरु नहीं हो सकी।

केकड़ी में असमंजस की स्थिति
केकड़ी में मॉडिफाइड लॉक डाउन के दौरान उद्योग धंधे शुरु करने को लेकर असमंजस की स्थिति है। केकड़ी में अधिकतर उद्योग रीको व नगरीय क्षेत्र में संचालित हैं। गाइड लाइन के अनुसार नगरीय सीमा में उद्योगों का संचालन नहीं किया जा सकता है। उद्योग शुरु होने के बाद किसी भी श्रमिक में कोरोना का लक्षण मिलने पर उद्योग मालिक पर कार्यवाही की अफवाह से भी उद्यमी सहमे हुए है।

ब्यावर में मिनरल इकाइयां ठप
ब्यावर शहर के आसपास करीब एक हजार मिनरल यूनिट संचालित हैं। सोमवार से औद्योगिक इकाइयां शुरु होनी थी लेकिन शुरु नहीं हो सकी। लघु उद्योग संघ अध्यक्ष आशीषपाल पदावत ने बताया कि विभाग से गाइड लाइन सोमवार को ही मिली है। मंगलवार को बैठकर इस पर निर्णय किया जाएगा। श्री सीमेंट की अंधेरी देवरी स्थित यूनिट भी शुरु नहीं हो सकी।

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