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State govt: जमीन के चक्कर में आमने-सामने हैं दो सरकारी विभाग

State govt: चार साल तक कॉलेज की शिफ्टिंग नहीं हुई। छात्रों ने वर्ष 2015-16 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समक्ष प्रदर्शनी की चेतावनी दी तो कॉलेज और जिला प्रशासन ने नए भवन में कॉलेज को शिफ्ट किया।
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land dispute in ajmer

land dispute in ajmer

रक्तिम तिवारी/अजमेर

चारदीवारी निर्माण और जमीन को लेकर लॉ कॉलेज (law college ajmer) की प्राचार्य जल्द जिला प्रशासन (distric collector) से मुलाकात करेंगी। इसके लिए पटवारी-तहसीलदार से जमीन संबंधित दस्तावेज भी लिए जाएंगे। ताकि कॉलेज की जमीन की वास्तविक स्थिति मालूम हो सके।

वर्ष 2007-08 में सरकार ने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (mdsu ajmer) स्थित चौराहे पर 32 बीघा जमीन राजकीय कन्या महाविद्यालय (govt girls college) को आवंटित की। छात्राओं की आवाजाही में परेशानी को देखते हुए महाविद्यालय ने वहां भवन बनाने से इन्कार कर दिया। बाद में सरकार (govt of rajasthan) ने इसमें से 12 बीघा जमीन लॉ कॉलेज को आवंटित कर दी। यहां वर्ष 2011-12 में लॉ कॉलेज (lwa college) भवन बनाया गया। चार साल तक कॉलेज की शिफ्टिंग नहीं हुई। छात्रों ने वर्ष 2015-16 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (vasundhra raje) के समक्ष प्रदर्शनी की चेतावनी दी तो कॉलेज और जिला प्रशासन ने नए भवन में कॉलेज को शिफ्ट किया।

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नहीं बन पाई है चारदीवारी

लॉ कॉलेज के भवन की चारदीवारी (boundry)नहीं है। दरअसल कॉलेज के निकट ही आयुर्वेद विभाग (ayurveda dept) की जमीन है। दोनों संस्थाओं में जमीन को लेकर लम्बे अर्से से विवाद की स्थिति है। कॉलेज की जमीन के कुछ हिस्से को आयुर्वेद विभाग अपनी बता रहा है। जबकि लॉ कॉलेज नक्शे-खसरे के अनुरूप उसे अपना बताया है। यही वजह है, कि कॉलेज की चारदीवारी (boundrywall) और मुख्य द्वार (main gate) अब तक नहीं बन पाया है।

प्राचार्य मिलेंगी जिला प्रशासन से
कार्यवाहक प्राचार्य डॉ.विभा शर्मा ने जमीन को लेकर जिला प्रशासन से मुलाकात की योजना बनाई है। इसके लिए पटवारी-तहसीलदार से जमीन संबंधित दस्तावेज भी लिए जाएंगे। ताकि कॉलेज की जमीन की वास्तविक स्थिति मालूम हो सके। वे जिला कलक्टर के अलावा आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों से मिलकर कोई समाधान निकालने की कोशिश करेंगी। ताकि कॉलेज की चारदीवारी निर्माण हो सके।

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किसकी है 20 बीघा जमीन...

कॉलेज से सटी 20 बीघा जमीन किस कॉलेज के नाम है, इसका कोई अता-पता नहीं है। एसपीसी जीसीए (spc govt college) में चलने वाला राजकीय कन्या महाविद्यालय वर्ष 2012-13 में सावित्री कन्या महाविद्यालय में शिफ्ट हो गया। जानकारी के अनुसार उसके बाद यह जमीन कॉमर्स महाविद्यालय (commerce college) के नाम से आवंटित की गई। मजेदार बात यह है, कि कॉमर्स कॉलेज नाम के संस्थान का अजमेर में कोई अस्तित्व ही नहीं है। जमीन पर अतिक्रमियों ने नजरें गढ़ा ली हैं। यहां चाय की थडिय़ां लग चुकी हैं। कई लोग झुग्गी-झौंपड़ी बनाकर निवास करने लगे हैं।

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