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निलम्बित पीपलू थानाधिकारी एसीबी की कोर्ट में पेश, 1 अक्टूबर तक रिमांड पर

अवैध बजरी परिवहन रिश्वत प्रकरण : एक दिन पूर्व किया था सरेंडर  
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अजमेर

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Baljeet Singh

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Updated: 29 Sep 2019, 5:01 AM IST

निलम्बित पीपलू थानाधिकारी एसीबी की कोर्ट में पेश, 1 अक्टूबर तक रिमांड पर

निलम्बित पीपलू थाना अधिकारी विजेंद्र सिंह गिल को रविवार किया गया एसीबी कोर्ट में पेश।

अजमेर. अवैध बजरी से भरे ट्रकों को निकालने के मामले में रिश्वत के आरोपी और निलम्बित निरीक्षक विजेंद्र सिंह गिल को एसीबी ने शनिवार को एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने गिल को 1 अक्टूबर तक रिमांड पर सौंपने के आदेश दिए। एसीबी को परिवादी रामप्रसाद गुर्जर ने शिकायत दी थी। इसके बाद टोंक के पीपलू थाना क्षेत्र में कांस्टेबल कैलाश चौधरी और अन्य को बीती 16-17 मई को जयपुर की एसीबी टीम ने रिश्वत लेते पकड़ा था। एसीबी की पूछताछ में चौधरी ने बताया कि वह कलेक्शन का काम तत्कालीन निरीक्षक गिल के इशारे पर करता है।

नहीं कर रहा जांच में सहयोग
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसीबी) सी. पी. शर्मा ने बताया कि एसीबी ने गिल को एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया गया। उसे 1 अक्टूबर तक रिमांड पर सौंपने के आदेश दिए। प्रारम्भिक पूछताछ में गिल ने एसीबी का कोई सहयोग नहीं किया है। एसीबी को उससे घटना के वक्त जब्त मोबाइल सहित अन्य आरोपियों से रकम और लेन-देन को लेकर पूछताछ करनी है।

करते थे व्हाट्सएप कॉल
थानाधिकारी और पुलिसकर्मी अवैध बजरी खनन में लिप्त थे। सिपाही कैलाश ने एसीबी को पूछताछ में बताया था कि वे एक-दूसरे से व्हाट्सएप कॉल से संपर्क करते थे, ताकि कोई रिकॉर्डिंग नहीं हो। एसीबी ने पूछताछ के दौरान सिपाही कैलाश से व्हाट्सएप कॉल के जरिए ही तत्कालीन थानाधिकारी गिल से बातचीत कराई थी।