
देश के सैनिक के समान ये भी हैं स्वच्छता के सैनिक इन्हें भी मिलना चाहिए पूरा सम्मान, पढ़ें क्या है पूरी खबर
अजमेर. राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष मनहर वलजीभाई झाला ने गांधी भवन स्थित नगर निगम सभागार में सफाईकर्मियों, पार्षदों व यूनियन पदाधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान शोषण को लेकर अपनी समस्याएं बताई और समाधान की मांग की।
बैठक में सफाई ठेकेदारों पर मनमर्जी करने, मीनिमम वेजेज से कम मजदूरी देने, पूरा भुगतान नहीं करने, सुविधाएं मुहैया नहीं कराने सहित अन्य आरोप तथा नगर निगम अधिकारियों पर भी सुनवाई नहीं करने के आरोप लगाए। झाला के बैठक शुरू करने के साथ ही शोषण को लेकर विरोध मुखर हो गया। सफाई कर्मी यूनियनों के पदाधिकारियों ने कहा कि संविदा पर लगे सफाईकर्मियों को 5500 रुपए मासिक वेतन दिया जाता है। न सेफ्टी किट दिया जाता है और न ही कोई मेडिकल सुविधा।
वाल्मीकि समाज को भर्ती में शत प्रतिशत आरक्षण देने व वाल्मीकि समाज के लिए कॉलोनी बसाने की मांग रखी गई। बैठक में पार्षद द्रोपदी, नौरत ढेनवाल व चन्द्रेश सांखला ने सफाईकर्मियों व सफाई व्यवस्था से संबंधित मांगें रखी। बैठक में झाला ने कहा कि ने कहा कि देश की रक्षा के लिए सैनिक होते है, उसकी प्रकार सफाई कर्मी स्वच्छता का सैनिक है। सफाईकर्मियों को पूरा सम्मान मिलना चाहिए। जहां तक इनकी समस्याओं की बात है तो इनके समाधान के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे। बैठक में उप महापौर सम्पत सांखला, नगर निगम के आयुक्त हिमांशु गुप्ता, उपायुक्त ज्योति ककवान, महेन्द्रसिंह रलावता आदि मौजूद रहे।
Published on:
26 Jun 2018 02:29 pm
