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नीचे लुढ़का टमाटर, अब प्याज ने लगाई आसमान में छलांग

यही हाल रहा तो टमाटर की तरह प्याज भी थाली से गायब हो सकता है। वहीं हरी सब्जियों के तेवर भी अब नरम पड़ गए हैं।
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यही हाल रहा तो टमाटर की तरह प्याज भी थाली से गायब हो सकता है।

प्याज के भाव १५ रुपए किलोग्राम से चढ़कर अब ४० रुपए किग्रा तक पहुंच गए हैं।

पिछले एक महीने में घर का बजट बिगाडऩे वाली सब्जियों के भाव अब धीरे-धीरे नीचे उतरते दिख रहे हैं। करीब एक महीने से सौ रुपए बिकने वाले टमाटर के भाव लुढ़क कर ६० रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। लेकिन गरीब की थाली के साथी प्याज ने आसमान में छलांग मार ली है। एकाएक प्याज के भाव १५ रुपए किलोग्राम से चढ़कर अब ४० रुपए किग्रा तक पहुंच गए हैं। यही हाल रहा तो टमाटर की तरह प्याज भी थाली से गायब हो सकता है। वहीं हरी सब्जियों के तेवर भी अब नरम पड़ गए हैं।

अजमेर की सब्जी मंडी में पिछले दो दिनों से हरी सब्जियों के भावों में गिरावट के चलते आमजन का रुख फिर से सब्जियों की ओर बढ़ गया है। टमाटर के साथ कुछ सब्जियों के भावों में तेजी ने घर में निर्मित सब्जियों एवं सूखी सब्जियों की ओर बढ़ा दिए। हालात यह हुए कि लोगों ने टमाटर, टिंडे, तुरई, ग्वारफली के भाव सुनकर उनसे दूरी बना ली। मगर बारिश का दूसरा दौर शुरू होने और आसपास के गांवों में हरी सब्जियों का उत्पादन शुरू होने से इनके भावों में गिरावट आई है।

अन्य प्रदेशों से पहुंची सब्जियों की खेप

टमाटर के साथ टिंडा, भिंडी, लौकी, आलू, शिमला मिर्च, जमीकंद सहित अन्य सब्जियों की आवक अन्य प्रदेशों से भी हो रही है। बैंगलूर, हिमाचल प्रदेश एवं नासिक से सब्जियों की सप्लाई राजस्थान (अजमेर ) हो रही है। इसके चलते भावों में गिरावट आई है। इन प्रदेशों में पूर्व में बारिश अच्छी होने के बाद उत्पादन तेजी से बढ़ गया। राजस्थान में खपत अधिक होने से यहां सप्लाई की ओर व्यापारियों का रुझान बढ़ गया है। अलबत्ता दूसरे प्रदेशों से सब्जियों के ट्रकों की आवक धीमी है।

खराबे से प्याज के भाव चढ़े

नासिक एवं भावनगर (गुजरात) में बारिश से प्याज में खराबा होने के कारण प्याज के भाव अचानक बढ़ गए। प्याज के भाव १५ रुपए किग्रा से बढ़कर ४० रुपए तक पहुंच गए हैं। कई राज्यों में बाढ़ के चलते रास्ते अवरुद्ध हैं। ऐसे में प्याज की नई खेप आने में समय लग सकता है। इसके चलते प्याज की कीमतों में उछाल आने की पूरी उम्मीद है।