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Ajmer Municipal corporation- यूडी टैक्स नहीं चुकाया तो सीज होंगे आवासीय भवन

11 हजार 500 डिफाल्टर चिह्नित : दो बार जारी हुए नोटिस

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UD tax will not be paid if the ceiling will be residential building

urban devlopment tax

अजमेर. अरबन डवलपमेंट टैक्स (यूडी टैक्स) नहीं चुकाने पर अब नगर निगम व्यावसायिक के साथ ही आवासीय भवन भी सीज करेगा। नगर निगम इसकी तैयारी में जुट गया है। शहर के 11 हजार 500 आवासीय भवन चिह्नित किए गए हैं जो यूडी टैक्स के दायरे में होने के बावजूद निगम को टैक्स नहीं दे रहे हैं। ऐसे डिफाल्टरों को नगर निगम ने दो बार नोटिस जारी कर दिए हैं। निगम ने वार्डवाइज तीन टीमें लगाई है जो बकाया यूडी टैक्स के मांग पत्र जारी कर रही हैं।

राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 130 के तहत 300 वर्गगज से अधिक के आवासीय तथा 100 वर्गगज से अधिक के कॉमर्शियल भवनों को यूडी टैक्स चुकाना अनिवार्य है। निगम क्षेत्र में 15 हजार 634 सम्पत्तियां यूडी टैक्स के दायरे में हैंं। इनमें से 2 हजार 700 व्यावसायिक सम्पत्तियां (इंडस्ट्रीयल सहित) हैं। इसके अलावा शेष सम्पत्तियां आवासीय श्रेणी की है जो टैक्स के दायरे में है।

सात करोड़ वसूली का है लक्ष्य

निगम को चालू वित्तीय वर्ष के लिए 7 करोड़ का यूडी टैक्स वसूलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निगम ने अप्रेल से जुलाई तक 1 करोड़ 44 लाख रुपए का यूडी टैक्स अब तक वसूला है। पिछले वित्तीय वर्ष में निगम ने 5 करोड़ 39 लाख रुपए का यूडी टैक्स वसूला था।


ऑनलाइन के जरिए पकड़ी 300 सम्पत्तियां

व्यवसायी दिनों दिन हाइटेक हो कर अपना व्यवसाय बढ़ा रहे हैं वहीं निगम भी अब उनके ही रास्ते पर चलते हुए उन्हें यूडी टैक्स के दायरे में ला रहा है। निगम ने ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए शहर में तीन सौ के करीब होटल, रेस्टोरेंट तथा कोचिंग सेंटर चिह्नित किए हैं जो टैक्स के दायरे में हैं लेकिन अब तक निगम को टैक्स नहीं दे रहे थे।

मुख्य मार्गों पर 522 नई सम्पत्तियां

नगर निगम ने सर्वे कर ब्यावर रोड, माकड़वाली, जयपुर रोड सहित अन्य मुख्य मार्गों पर 522 नई व्यावसायिक सम्पत्तियां चिह्नित की है। इन्हें नोटिस जारी किए जा रहे है।

इनका कहना है

सम्पत्तिधारक की जिम्मेदारी है कि वह स्वयं टैक्स जमा करवाएं। चिह्नित किए गए डिफाल्टर अभी तक यूडी टैक्स नहीं चुका रहे है उन्हें मांगपत्र जारी करवाया जा रहा है। टैक्स जमा नहीं करवाने पर आवासीय प्रॉपर्टी को भी सीज किया जाएगा।

-नीलू गुर्जर, राजस्व अधिकारीअजमेर नगर निगम