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आग की लपटें देख जान बचाने के लिए भाग छूटे होटलकर्मी, खिड़की से कूदने लगे लोग; पुलिसकर्मियों ने ऐसे बचाई जान

Ajmer Hotel Fire: आग की लपटें देख होटलकर्मी जान बचाने के लिए भाग छूटे वहीं कमरों में ठहरे लोग होटल की खिड़की तक से कूदने लगे।

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बेहोश हुई महिला को एंबुलेंस की और लेकर जाता पुलिसकर्मी। फोटो: जय माखीजा

Ajmer Hotel Fire: अजमेर। डिग्गी बाजार में अवैध रूप से संचालित होटल नाज में गुरुवार सुबह हुए इस हादसे में एक बच्चे सहित चार जायरीनों की मौत हो गई। आग होटल के भूतल पर लगे इलेक्ट्रिक पैनल में लगी और देखते ही देखते चार मंजिल तक फैल गई। आग की लपटें देख होटलकर्मी जान बचाने के लिए भाग छूटे वहीं कमरों में ठहरे लोग होटल की खिड़की तक से कूदने लगे। हादसे में गुजरात के जायरीन परिवार के तीन जनों की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं दिल्ली के जायरीन की खिड़की से कूदने से मौत हो गई।

आग की सूचना पर पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम ने अपनी जान दांव पर लगाकर होटल में फंसे लोगों को बाहर निकाला और घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया। लोगों को बचाने के प्रयास में महिला दमकलकर्मी कृष्णा मीणा की तबीयत बिगड़ गई। आग ऊपरी मंजिलों में फैल गई और पूरी इमारत में धुआं फैल गया। ऐसे में जायरीन बाहर नहीं निकल सके।

होटल के कमरा नम्बर 104 में ठहरे गुजरात निवासी नूरानी अल्फेज हारूनभाई (29), उसकी पत्नी नूरानी शबनम (24) व डेढ़ साल के बेटे अरमान की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं दिल्ली निवासी मोहम्मद जाहिद उर्फ महेन्द्र (40) की चौथी मंजिल से नीचे कूदने से मौत हो गई।

जाहिद के डेढ़ वर्षीय बेटे इब्राहिम व पत्नी रेहाना (36) गम्भीर घायल हो गए। इसी तरह गुजरात भावनगर के धवल(45), उसकी पत्नी अल्पा झुलस गए। आंध्रप्रदेश के वारंगल, कांजीपेट निवासी मोहम्मद अफजल हुसैन(21), मोहम्मद नुमान खान(33) व महिला दमकलकर्मी कृष्णा मीणा की तबीयत बिगड़ गई। घायलों को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती करवाया। इब्राहिम व झुलसी हुई अल्पा की हालत गंभीर बनी हुई है।

होटल में नहीं था वैकल्पिक मार्ग

एडीआरएफ जवान राजेन्द्र गुर्जर ने बताया कि आग बुझने के बाद टीम ने होटल में सर्च किया। होटल में लिट और सीढ़ी के अलावा अन्य वैकल्पिक मार्ग नहीं होने से ज्यादा नुकसान हुआ। होटल के सामने बॉलकनी या लोहे की पासिंग सीढ़ी होती तो जायरीन आसानी से समय रहते बाहर निकाले जा सकते थे। इसके अलावा छत व दीवार में फॉरसिंलिंग और लकड़ी का फर्नीचर ज्यादा होने से आग ज्यादा भड़की।

दमकलकर्मी की बिगड़ी तबीयत

आग बुझाने के बाद दमकल कर्मियों की टीम होटल में दाखिल हुई। धुएं के गुबार और तपिश के चलते महिला दमकलकर्मी कृष्णा मीणा की सांस भारी हो गई। तबीयत बिगड़ते ही उसको तुरन्त साथी दमकलकर्मी होटल से बाहर लेकर आए। यहां से उसको अस्पताल भेजा गया। जहां भर्ती व उपचार के बाद शाम को छुट्टी मिल गई।

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हत्या का मामला दर्ज

महिला की शिकायत व पर्चा बयान के आधार पर होटल संचालक के खिलाफ गैरइरादतन हत्या व लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया है। मृतकों की शिनाख्त हो चुकी है।
—हिमांशु जांगिड़, एएसपी सिटी


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