21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में MLA के पास से ‘चहेते’ ले रहे VIP ट्रीटमेंट, ऐसे बचा रहे टोल; एक साल में पकड़े एक दर्जन से ज्यादा वाहन

Rajasthan News: राजस्थान में विधायकों और उनके परिवार को दिए जाने वाले ‘पास’ का दुरुपयोग हो रहा है।

2 min read
Google source verification
MLA-Pass

मनीष कुमार सिंह
अजमेर। राजस्थान में विधायकों और उनके परिवार को दिए जाने वाले ‘पास’ का दुरुपयोग हो रहा है। खासतौर पर विधायकों के चहेतों की अव्वल तो राजमार्ग पर पास के जरिये टोल बचाने की जुगत रहती है। विधानसभा में प्रवेश के अलावा पास का इस्तेमाल जनसभा, सरकारी कार्यक्रम और धार्मिक स्थल पर वीआइपी ट्रीटमेंट और आवाजाही के लिए किया जाता है।

अजमेर शहर यातायात पुलिस ने बीते एक साल में एक दर्जन से भी ज्यादा चौपहिया वाहन पकड़े। जिन पर राजस्थान विधानसभा के एमएलए ‘पास’ लगे थे। पुलिस ने ऐसे वाहनों को रोककर पड़ताल की तो न तो एमएलए थे न परिवार का कोई सदस्य। यातायात पुलिस के वाहन रुकवाने पर रुकने के बजाए चालक वाहन को दौड़ाकर दहशत का माहौल तक बना चुके हैं।

हालांकि यातायात पुलिस ने नाकाबंदी कर ऐसे वाहन चालकों पकड़ा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर न केवल मोटर व्हीकल एक्ट में चालान काटा गया बल्कि वाहन जब्त करके शांतिभंग की कार्रवाई की गई। कमोबेश यही हालात प्रदेश के अन्य जिलों में है लेकिन नेता व उनके सिपहसालारों से पुलिस उलझना नहीं चाहती है।

टोल नाके पर रियायत

पत्रिका पड़ताल में सामने आया कि एमएलए पास के पीछे टोल नाके पर मिलने वाली रियायत व वीआइपी ट्रीटमेंट का चक्कर शामिल है। विधायकों को मिलने वाले वाहन पास के कारण उन्हें टोल टैक्स में भी राहत मिलती है। यह सुविधा विधायकों को उनके कार्यों में सहायता करने के लिए दी जाती है, लेकिन उसका दुरुपयोग हो रहा है।

पुलिस की कार्रवाई

अजमेर यातायात पुलिस की ओर से पकडे़ गए वाहनों में सर्वाधिक पास राजस्थान की सोलहवीं विधानसभा के हैं। कुछेक 15वीं विधानसभा व दिल्ली विधानसभा के हैं। इसमें सर्वाधिक कार्रवाई तत्कालीन यातायात निरीक्षक भीकाराम काला के नेतृत्व में की गई। इस कार्रवाई में डीडवाना, बीकानेर, भीलवाड़ा, किशनगढ़, जयपुर, जयपुर उत्तर व दिल्ली के वाहन शामिल हैं। खासतौर पर पुष्कर मेले के दौरान पकड़े गए।

यह भी पढ़ें: राजस्थान में अब क्रिकेट में भी ‘खेला’, RCA की अंपायर परीक्षा में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा; ऐसे हुआ खुलासा

इनका कहना है

एमएलए के पास का उनके परिचित दुरुपयोग करते हैं। वाहन में न तो एमएलए होते हैं न वाहन उनका होता है। अजमेर में बीते एक साल में 14 जनों के खिलाफ कार्रवाई की थी। गत दिनों किशनगढ़ में भी एमएलए का स्टीकर पास लगा वाहन पकड़ा था।
-भीकाराम काला, थानाधिकारी किशनगढ़ व पूर्व टीआइ अजमेर

पास का इस्तेमाल टोल बचाने, नाकाबंदी से आसानी से निकलने में है। कई बार पास की फोटो कॉपी लगी हुई मिली। यहां तक कि एमएलए से बात करने पर उन्होंने अपना वाहन होने से इनकार किया। जिस पर पुलिस ने एमवी एक्ट में कार्रवाई की है।
-आयुष वशिष्ठ, उप अधीक्षक अजमेर यातायात


यह भी पढ़ें

राजस्थान-मध्यप्रदेश के बीच रेलवे ट्रैक को मिलेगा ‘कवच’, खराब मौसम में भी फर्राटे से दौड़ेगी ट्रेन