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राजस्थान के इस जिले में हालात खराब, बढऩे वाला है सरकार का टेंशन

बीसलपुर बांध में पानी की कमी शुरू हो गई है। मई का दूसरे पखवाड़े में बांध का पैंदा भी दिखने लगा है।
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water crisis

boond boond pani ko tarsa sihora, water crisis, मप्र में भीषण जल संकट, बूंद बूंद पानी को तरसे

अजमेर.

शहर में पानी की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। कम दबाव से पानी और बेवजह कटौती से लोग परेशान हैं। पिछले साल हुई कम बरसात से बीसलपुर बांध खाली रह गया था। इसका असर अब दिख रहा है। अजमेर शहर सहित जिले के ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच गई है।

पिछले साल कम बरसात से बीसलपुर बांध में ज्यादा पानी नहीं आ पाया था। हालात को देखते हुए जलदाय विभाग ने बीते साल अक्टूबर से ही पेयजल सप्लाई में कटौती शुरू कर दी थी। पहले कटौती 48 घंटे की थी। यह अब बढकऱ 48 से 72 घंटे तक पहुंच गई है। उधर बीसलपुर बांध में पानी की कमी शुरू हो गई है। मई का दूसरे पखवाड़े में बांध का पैंदा भी दिखने लगा है।

जरूरत है 320 एमएलडी पानी की
जलदाय विभाग के अनुसार अजमेर जिले को 320 एमएलडी पानी की जरूत है। लेकिन बीसलपुर बांध की स्थिति को देखते हुए महज 270 एमएलडी पानी ही मिल रहा है। बांध में लगातार घटते जलस्तर के साथ पानी की उपलब्धता भी कम हो सकती है।

पानी के लिए त्राहि-त्राहि
अजमेर शहर और ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मचने लगी है। अजमेर में अंदरूनी इलाकों और बाहरी कॉलोनियों में कम दबाव से पानी आने से लोग परेशान हैं। पिछले दिनों बाबूगढ़-नागफणी के लोगों ने जलदाय विभाग में प्रदर्शन किया था। हाल में वैशाली नगर स्थित विभाग के कार्यालय में पार्षद और लोगों ने अद्र्ध नग्न प्रदर्शन किया। लोग कम पानी सप्लाई, बेवजह कटौती से परेशान हैं। कई जगह हैंडपंप और कुओं का पानी खारा है। ऐसे में लोग बीसलपुर के पानी पर ही निर्भर हैं।