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राज्य का पुराना गवर्नमेंट कॉलेज बनाएगा नया इतिहास, 181 साल बाद होगा ये बदलाव

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sneh saxena

अजमेर. सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय की पहली महिला प्राचार्य बुधवार को कार्यभार संभालेंगी। यह पहला अवसर होगा जबकि 181 साल में कॉलेज को महिला प्राचार्य मिलेगी।

कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने डॉ. स्नेह सक्सेना को सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय का प्राचार्य बनाया है। वे अब तक राजकीय महाविद्यालय पुष्कर में प्राचार्य थीं। डॉ. सक्सेना के पदभार संभालने के साथ जीसीए के इतिहास में नया अध्याय जुड़ जाएगा।

वे 181 साल पुराने कॉलेज की पहली महिला प्राचार्य होंगी। मालूम हो कि 1836 में स्थापित इस कॉलेज में अब तक पुरुष ही प्राचार्य बनते रहे हैं। यहां महिलाएं सिर्फ उपाचार्य ही रही हैं। कुछेक महिलाओं ने बतौर उपाचार्य रहते हुए अस्थाई तौर पर प्राचार्य पद संभाला है।

दीक्षान्त समारोह स्थगित

विश्वविद्यालय में पिछले तीन साल से 1 अगस्त को दीक्षान्त समारोह होता रहा है। इस बार भी नवां दीक्षान्त समारोह इसी तिथि पर होना था। लेकिन कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली का बीती 21 जुलाई को निधन हो गया। कुलाधिपति एवं राज्यपाल कल्याण सिंह के निर्देश पर तत्काल दीक्षान्त समारोह स्थगित कर दिया गया।

दस दिन से नहीं कुलपति

विश्वविद्यालय में पिछले दस दिन कुलपति पद रिक्त है। कायदे से सरकार और राजभवन को तत्काल कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति करनी थी। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री सचिवालय और राजभवन के बीच ही फाइल अटकी हुई है। कुछ हद तक विश्वविद्यालय में शोक के माहौल के चलते भी कार्यवाहक कुलपति की तैनाती नहीं हो पा रही है। इसके अलावा दूसरे विश्वविद्यालयों के कुलपति भी सियासी रसूखात से नियुक्ति को अटकाए हुए हैं।

होनहारों को समारोह का इंतजार

नवें दीक्षान्त समारोह का होनहारों को विशेष इंतजार है। वर्ष 2017 की परीक्षाओं के 35 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक दिए जाने हैं। समारोह स्थगित होने से विद्यार्थी भी निराश हैं। कार्यवाहक या स्थाई कुलपति के आने के बाद ही समारोह कराए जाने की उम्मीद है।

इसमें काफी वक्त भी लग सकता है। आज हवन और पौधरोपणविश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर बुधवार को शांतिपूर्ण तरीके से हवन और पौधरोपण कार्यक्रम होगा। हाल में कुलपति प्रो. श्रीमाली के अलावा दो कर्मचारियों की मृत्यु के कारण विश्वविद्यालय स्थापना दिवस को साधारण तरीके से ही मनाएगा। हवन के बाद बॉटनीकल गार्डन में पौधे लगाए जाएंगे।