
Three Womens Protesting in Aligarh Last Four Year
अलीगढ़ में इन तीनों महिलाओं को अपने-अपने परिवार के सदस्यों से डर है कि कहीं वह लोग अपनी जमीन किसी और बेच ना दें, इसलिए वह प्रतिदिन सुबह 10 बजे अतरौली रजिस्ट्री ऑफिस के बाहर बने टीन सेट में आकर बैठ जाती हैं, सुबह 10 बजे बैठने के बाद 5,30 बजे तक अपने-अपने परिजनों का जमीन की रजिस्ट्री करने के लिए आने का इंतजार करती रहती है।
बताया जा रहा है कि तीनों महिला अलग-अलग परिवार से हैं किसी को अपने पति से डर है तो किसी को अपने देवर से और किसी को अपने सास ससुर से,धरना दे रहीं महिलाओं को डर सता आ रहा है कि यह लोग अपनी पुश्तैनी जमीन को बेचना दें अगर इन्होंने जमीन बेच दी तो वह अपने परिवार का कैसे गुजारा करेंगी।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ की तहसील अतरौली क्षेत्र के गांव चंडोला निवासी सुनीता देवी ने बताया कि पति कैलाश चंद 4 साल से अलग रहते हैं कहां रहते हैं यह भी नहीं पता बस अभी कभार घर आते हैं और जमीन का बैनामा करके चले जाते हैं। सुनीता का कहना है कि अब तक वह 10 बीघा जमीन बेच चुके हैं, और बची हुई 12 बीघा जमीन को बेचने की फिराक में है। इसलिए वह 3 साल से लगातार तहसील परिसर में वाहन खड़े करने वाले टीन सेट में बैठकर पति का इंतजार करती रहती हैं, कि वह बैनामा करने आए तो उसे पकड़ा जा सके। सुनीता ने बताया कि पहले 9 साल का बेटा देवेश भी आता था। अब बेटा का स्कूल में दाखिला करा दिया है, इसलिए अब वह अकेली ही अपने पति को पकड़ने के लिए आती है।
वहीं दूसरी महिला धनसारी की बताई जा रही है जिनका नाम नूरबानो पति नसरुद्दीन है, नूरबानो ने जिन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि साढे 5 बीघा जमीन सड़क किनारे हैं पति की मौत हो चुकी है जमीन का बंटवारा सड़क की तरफ से होना चाहिए था लेकिन देवर ने जबरन सड़क की तरफ अपना हिस्सा करा लिया है और देवर उस जमीन को बेचना चाहता है नूरबानो सड़क की तरफ अपना हिस्सा चाहती है इसलिए तहसील में आकर बैठ जाती है और देवर का इंतजार करती है कि कहीं देवर यहाँ आकर जमीन का बैनामा कर दे।
Double Marriage of Husband
तीसरा मामला भी अतरौली तहसील के गांव धनसारी की रहने वाली रहने वाली रहीसन बेगम पत्नी गुलशन का है, रहीसन ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके ससुर ने दो शादियां की थी पहली पत्नी से उनके पति ओर द बेटे है और दूसरी पत्नी से 5 बेटी और एक बेटा है उनके ससुर 200 वर्ग गज का एक प्लाट और 4 बीघा जमीन भेज चुके हैं, जिसमें से उनके पति को ₹1 भी नहीं दिया गया, रईसन का करोप है कि उनके सास ससुर बची हुई जमीन को भी बेचना चाहते है इस लिए वह सुबह 10:00 बजे तहसील परिसर में आ जाती हैं और अपने सास-ससुर का इंतजार करती रहती हैं शाम को 5:30 बजे घर चली जाती हैं यह सिलसिला लगभग 4 वर्षों से लगातार चल रहा है।
SDM Atrauli Replied
पूरे मामले पर एसडीएम अतरौली के एसडीएम शिव शंकर सिंह ने बताया कि इस तरीके का प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं है। बैनामा कराना और रोकना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। लेकिन कोई महिला अगर इस तरीके से यहां कर बैठ रही है। तो उसके संबंध में भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है और जिसके नाम जमीन होती है वह उस जमीन का मालिक होता है। जो किसी को भी अपनी जमीन का बैनामा कर सकता है।
Updated on:
13 May 2022 06:40 pm
Published on:
13 May 2022 06:32 pm
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