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अखिलेश यादव के लिए चुनौती है ‘राज्यसभा चुनाव’ RLD, शिवपाल और आजम खान बना रहे समीकरण

विधानसभा और विधान परिषद के चुनावों में मिली करारी शिकस्त के बाद राज्यसभा की 11 सीटों के लिए 10 जून को होने वाले चुनाव भी समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव के लिए समस्या बन गए हैं.
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लखनऊ

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Dinesh Mishra

•

Updated: 13 May 2022, 5:34 PM IST

Akhilesh Yadav, Shivpal and Azamkhan on Rajyasabha

Akhilesh Yadav, Shivpal and Azamkhan on Rajyasabha

राज्यसभा की इन 11 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सात और सपा को तीन सीटें मिलना तय हैं. जबकि 11वीं सीट के लिए भाजपा और सपा के बीच में संघर्ष होगा. ऐसा होने पर सपा में अखिलेश यादव की वर्किंग से खफा पार्टी के तमाम नेता कोई ना कोई गुल खिला सकते हैं. इन नाराज विधायकों को एकजुट रखना और राज्यसभा जाने की मंशा रखने वाले पार्टी नेताओं को भी पार्टी में बनाए रखना अखिलेश यादव के लिए एक बड़ी चुनौती है. कहा जा रहा है कि यह चुनाव अखिलेश यादव के लिए एक बड़ा और बड़ा इम्तहान हैं.

शिवपाल यादव और बसपा में खींचतान जारी

शिवपाल यादव व आजम खां प्रकरण को लेकर सपा में पहले से ही खींचतान चल रही है. बसपा मुखिया मायावती भी आजम खान को लेकर अखिलेश यादव को राजनीतिक बबुआ साबित करने में जुटी हैं. विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से सपा में शिवापाल और आजम खान की नाराजगी एक बड़ा मुददा बनी हुई है. शिवपाल यादव तो सपा द्वारा आजम खां की अनदेखी करने के सवाल पर अखिलेश ही नहीं मुलायम सिंह यादव को घेर चुके हैं. हालांकि अखिलेश यादव को कई बार यह कहा है कि उनकी पार्टी आजम खां के साथ है. लेकिन आजम खां व शिवपाल के साथ उनके समर्थक विधायक सपा मुखिया के इस कथन से संतुष्ट नहीं हैं और वह राज्यसभा चुनावों में 11वीं सीट के लिए होने वाली वोटिंग में इधर-उधर हो सकते हैं. इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. ऐसे में सपा खेमे के लिए अपने उन विधायकों का एकजुट रख पाना बड़ी चुनौती होगी.

SP RLD में दांव फंसा

अखिलेश यादव की दूसरी चुनौती राज्यसभा जाने की मंशा रखने वाले नेताओं की बड़ी संख्या है. अखिलेश यादव की जिन तीन सीटों में जीत होनी है, उनमें एक सीट वह अपने सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के मुखिया जयंत चौधरी को देंगे. रालोद सपा का गठबंधन काफी समय से चला आ रहा है. इसके अलावा यूपी के मुख्य सचिव रह चुके पूर्व नौकरशाह आलोक रंजन को अखिलेश यादव प्रत्याशी बनाना चाहते हैं. आलोक रंजन ने इस बार के विधानसभा चुनाव में सपा का घोषणा पत्र तैयार कराने में अहम भूमिका निभाई थी. तीसरी सीट पर महाराष्ट्र से सपा नेता अबू हसन आजमी को प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा है. इसके अलावा सपा के सहयोगी ओम प्रकाश राजभर भी अपने बेटे को राज्यसभा भेजने की मंशा रखते हैं.

आज़मखान भी चाहते हैं टिकट

अखिलेश यादव के एक नजदीकी नेता के अनुसार आजम खान भी अपने के हितैषी के लिए टिकट चाहते हैं. इनके अलावा भी सपा के कई नेता राज्यसभा के लिए अपनी दावेदारी जता रहे हैं. सपा और उसके सहयोगी दल रालोद व सुभासपा के विधायकों की तादाद 125 है. इनके बूते वह चार सीट निकाल सकती है. परन्तु सपा के जो हालत वर्तमान में है, उसमें अखिलेश यादव यह लक्ष्य हासिल कर पाएंगे इसे लेकर सपा नेता अभी कोई दावा नहीं कर रहे हैं.

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