अखिलेश यादव की दूसरी चुनौती राज्यसभा जाने की मंशा रखने वाले नेताओं की बड़ी संख्या है. अखिलेश यादव की जिन तीन सीटों में जीत होनी है, उनमें एक सीट वह अपने सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के मुखिया जयंत चौधरी को देंगे. रालोद सपा का गठबंधन काफी समय से चला आ रहा है. इसके अलावा यूपी के मुख्य सचिव रह चुके पूर्व नौकरशाह आलोक रंजन को अखिलेश यादव प्रत्याशी बनाना चाहते हैं. आलोक रंजन ने इस बार के विधानसभा चुनाव में सपा का घोषणा पत्र तैयार कराने में अहम भूमिका निभाई थी. तीसरी सीट पर महाराष्ट्र से सपा नेता अबू हसन आजमी को प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा है. इसके अलावा सपा के सहयोगी ओम प्रकाश राजभर भी अपने बेटे को राज्यसभा भेजने की मंशा रखते हैं.