
बच्ची की हत्या के बाद टप्पल में तनाव जारी, इंटरनेट सेवा बंद होने के बाद पहुंचे एडीजी
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के टप्पल में ढाई वर्ष की मासूम की हत्या के बाद से तनाव बना हुआ है। सोशल मीडिया पर तमाम तरह की अफवाहें चल रही हैं। इसके चलते जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह ने खैर तहसील में इटंरनेट सेवा रात्रि 12 बजे तक बंद करने का आदेश जारी किया है। टप्पल में पुलिस बल तैनात है। अपर पुलिस महानिदेशक अजय आनंद ने पीड़ित परिवार से भेंट की। सुरक्षा का भरोसा दिलाया। क्षेत्र में धारा 144 पहले से ही लगी हुई है।
एफएसएल रिपोर्ट मिलते ही आरोपपत्र दाखिल करेगी पुलिस
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने बताया कि हत्यारोपी जाहिद, असलम, मेंहदी हसन और शगुफ्ता को जेल भेजा जा चुका है। आगरा से विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट मिलते ही पुलिस आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर देगी। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। पुलिस ने साक्ष्य मिटाने की धारा और बढ़ा दी है। एपएसएल रिपोर्ट से तय होगा कि दुष्कर्म हुआ है या नहीं। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई से परिवार के लोग संतुष्ट हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस की सुनवाई पर जोर है। अगर यह पता चला कि आरोपितों को कोई संरक्षण दे रहा है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ जाकर योगी से मिलने से इनकार
उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के यहां से संदेश आया है कि पीड़ित परिवार लखनऊ आकर मिले। बच्ची के पिता ने लखनऊ जाकर मिलने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि यहीं पर आकर सांत्वना दें। हत्यारों को मौत की सजा मिलने पर ही संतुष्टि मिलेगी। अलीगढ़ जिले में आक्रोश जारी है। कैंडल मार्च निकालकर लोग आक्रोश प्रकट कर रहे हैं।
ओएसडी से बात कराई
अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिन्मय भारद्वाज ने बच्ची के पिता की पहली बार मुख्यमंत्री के ओएसडी (ऑफिसर इन स्पेशल ड्यूटी) अजय सिंह से फोन पर बात कराई। पीड़ित के पिता ने कहा हत्यारों के खिलाफ ऐसी कार्यवाही करें जो एक नजीर बने। उन्होंने कहा कि परिवार में सात सदस्य हैं और सभी गुनहगार हैं। अभी तक चार आरोपी पकड़े गए हैं।
पुलिस वालों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज हो
शिव सेना ने रामलीला ग्राउंड के सामने प्रदर्शन कर दोषियों को फांसी देने एवं लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने का ज्ञापन अधिकारियों को दिया। इस दौरान प्रदेश सचिव मांगेराम शर्मा ने कहा कि मासूम के परिजनों द्वारा थाने में गुमशुदगी की सूचना देने के बाद भी पुलिस सोती रही। प्रदर्शन करने वालों में जिला प्रमुख नरेंद्र सिंह, महानगर प्रमुख महेश चंद्र शर्मा, टिंकू माहौर, सुनीता शर्मा, विनोद वशिष्ठ, नरपत सिंह लोधी, कमल शर्मा, प्रताप माहौर, भाग्यवान सूर्यवंशी, हिमांशु कश्यप, गौरव शर्मा, शिव कुमार सविता, अविनाश कश्यप, देवेंद्र कुमार गांधी आदि मौजूद रहे।
घटनाक्रम
30 मई को सुबह साढ़े आठ बजे मासूम घर के बाहर खेलते समय गायब।
31 मई को टप्पल थाने में पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की।
02 जून को सुबह सात बजे घर से चंद कदम दूर कूड़े के ढेर में शव पड़ा मिला।
- नौ बजे थाने के बाहर सड़क पर शव रखकर आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए ग्रामीणों ने लगाया जाम।
-11 बजे एसएसपी, सांसद, खैर विधायक पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
- दोपहर दो बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा बालिका का शव।
- शाम पांच बजे पोस्टमार्टम।
- सात बजे गांव में पुलिस की कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार।
- देर रात लापरवाही बरतने वाले इंस्पेक्टर टप्पल को किया लाइन हाजिर।
3 जून को दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन।
4 जून को आरोपित जाहिद व असलम की गिरफ्तारी।
- सासंद व खैर विधायक ने ग्रामीणों को जूस पिलाकर धरना खत्म कराया।
5 जून को दोनों आरोपितों को पुलिस ने जेल भेजा।
6 जून को सोशल मीडिया पर छाया टप्पल प्रकरण।
- देर रात एसएसपी ने तत्कालीन इंस्पेक्टर टप्पल, तीन दारोगा व एक सिपाही निलंबित किया।
7 जून को एसआइटी जांच के साथ आरोपितों पर एनएसए व पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई की घोषणा।
- देशभर में सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं ने जोर पकड़ा।
8 जून को दो अन्य हत्यारोपी जाहिद की पत्नी शगुफ्ता और जाहिद का भाई मेंहदी हसन गिरफ्तार।
9 जून को ‘टप्पल चलो’ आह्वान के बाद पुलिस ने अलीगढ़ की सीमाएं सील कीं।
-टप्पल में हत्यारोपियों को फांसी की मांग को लेकर अलीगढ़-पलवल मार्ग और यमुना एक्सप्रेस वे पर जाम लगाया।
-पुलिस ने साध्वी प्राची को जेवर से लौटा दिया। अलीगढ़ में नहीं घुसने दिया। महापंचायत नहीं हो सकी।
10 जून को टप्पल में तनाव के चलते इंटरनेट सेवा बंद की गई। अपर पुलिस महानिदेशक अजय आनंद ने पीड़ित परिवार से भेंट की। आक्रोश जारी।
Published on:
10 Jun 2019 06:44 pm
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