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एएमयू के जिन्ना विवाद में छात्रों पर लाठीजार्च की होगी मजिस्ट्रेटी जांच

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जिन्ना विवाद बढ़ता जा रहा है। लाठीचार्ज और उपद्रव की मजिस्ट्रेटी जांच करने के आदेश दिए हैं।

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AMU Bawal

अलीगढ़।अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर का विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। एएमयू के छात्र भाजपा सांसद और हिन्दूवादी संगठनों पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा रहे हैं। एएमयू के छात्रों ने एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंप सांसद सतीश गौतम और हिन्दूवादी संगठन पर कार्रवाई की मांग की है। जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने एडीएम वित्त एवं राजस्व बच्चू सिंह को घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। उधर ऊपर कोट की जामा मस्जिद पर जुमा की नमाज के बाद शहरमुफ्ती ने एडीएम को ज्ञापन देकर दोषियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने की मांग की है। साथ ही जिन्ना की तस्वीर पर हो रही राजनीति बंद करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अलीगढ की गंगा-जमुनी तहजीब को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

थम नहीं रहा विवाद
दो मई, 2019 से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी माहौल गरमाता जा रहा है। मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर के लेकर हिन्दूवादी संगठनों में खासा उबाल है। दूसरी ओर एएमयू के छात्र भी तस्वीर को लेकर लामबंद हो गए हैं। वे बाबे सैयद गेट पर धरना दे रहे हैं।

ये था बवाल का कारण
अलीगढ़ के भाजपा सांसद सतीश गौतम ने विवि के कुलपति प्रो तारिक मंसूर को 30 अप्रैल को पत्र लिखा था। जिसमें यूनियन हॉल में लगी मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लगाए जाने का कारण पूछा था। उन्होंने पत्र में जिन्ना को देश के बंटवारे में हुए हिंसक हमले का दोषी करार देते हुए तस्वीर के हटाने के लिए कहा था।

छात्रसंघ और एएमयू प्रशासन एकमत
अलीगढ़ विवि छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन का कहना है कि जिन्ना की तस्वीर आजादी से पूर्व ही लग चुकी है और इसमें कोई गलत बात नहीं है। देश में मुगलों और अंग्रेजों को भी गालियां दी जाती है, लेकिन आज भी उनकी बनाई गई धरोहरों को संजोए रखा है। उधर एएमयू प्रशासन का कहना है कि विवि छात्र संघ स्वतंत्र संस्था है, विवि प्रशासन का इसपर कोई नियंत्रण नहीं है।

विवाद का घटनाक्रम
मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर का विवाद 30 अप्रैल को शुरू हो गया था। सांसद सतीश गौतम ने कुलपति प्रो.तारिक मंसूर को पत्र लिखकर यूनियन हॉल से तस्वीर के हटाने की मांग की। इसके बाद दो मई को हिन्दूवादी संगठनों ने बाबे सैयद गेट पर मोहम्म्द अली जिन्ना का पुतला फूंक दिया। इस दौरान एएमयू के छात्रों ने इसका विरोध कर पुतला फूंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सड़कों पर उतर आए। इस बीच पुलिस और आरएएफ से छात्रों की भिड़ंत हो गई । इस दौरान एएमयू के कई छात्र घायल हो गए। तनाव को देखते हुए विवि में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई।