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जिन्ना विवाद: पूर्व विधायक जमीर उल्लाह की प्रशासन को खुली चुनौती

एएमयू के बाबे सैयद गेट पर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे छात्रों को समर्थन देने पहुंचे बसपा नेता व पूर्व विधायक जमीर उल्लाह।

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अलीगढ़। एएमयू के यूनियन हॉल में लगी जिन्ना की तस्वीर को लेकर चल रहे विवाद में एक नया अध्याय जुड़ गया है, एएमयू के बाबे सैयद गेट पर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे छात्रों को समर्थन देने पहुंचे बसपा नेता व पूर्व विधायक जमीर उल्लाह ने मंच से कहा कि अगर यूनिवर्सिटी को जमीर उल्लाह के खून की जरूरत पड़े तो मैं एक एक बूंद बहा दूंगा। इस लड़ाई में अपने आपको अकेला नहीं समझना।

यह कोई चिराग साग का खेल नहीं है, यह खेल तो दो साल पहले से चल रहा था। बाबे सैयद गेट पर महेंद्र प्रताप के नाम पर उधम मचाने की कोशिश की गई, लेकिन कामयाब नहीं हुए। आपका छोटा भाई लठ लेकर खड़ा हुआ था कि किसी की ताकत हो तो अंदर जाकर दिखाये, लेकिन वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हुए। मोदी जी के योगी जी के गुंडे जो चंद गुंडे थे, अधिकारियों के साथ जो उनके बलबूते पर यहां तक चलकर आये, मैं उन सब अधिकारियों से कहना चाहता हूं या तो वह अलीगढ़ छोड़कर चले जायें या फिर वह जेल जाने के लिए तैयार रहें, क्योंकि यह इतिहास में पहली मरतबा हुआ है जब ये नापाक लोग यहां तक आये। ऐसा कभी भविष्य में न हो।

मैं इसलिए एडमिनिस्ट्रेशन से कहना चाहता हूं कि चुपचाप रिपोर्ट लिख लें। आप जानते हैं ऊपर कोर्ट से लेकर हर बच्चा बिल्कुल तैयार है। यह कोई छोटी बात नहीं। तुमने बहुत गलत जगह हाथ डाला है। मैं इसको लाठी चार्ज नहीं कहता। मैं इसको हमला कहता हूं। पुलिस के साथ योगी जी के गुंडों के साथ मिलकर जो हमारे ऊपर हमला हुआ है, इसका जबाब हम देंगे। बम्बई से भी मैने कहा था आज भी में कह रहा हूं, इतिहास लिखा जाना है अपने आपको कमजोर मत समझना।

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