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15 सौ के स्थान पर भेजा डेढ़ लाख रुपए का बिजली बिल तो किसान ने दे दी जान

Highlights - अलीगढ़ जिले की अतरौली तहसील के गांव सुनैरा की घटना - परिजनों ने बिजली कर्मचारी पर लगाया थप्पड़ मारने का आरोप - अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग, अंतिम संस्कार से इनकार
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अलीगढ़

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lokesh verma

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Updated: 15 Feb 2021, 1:23 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
अलीगढ़. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक किसान ने बिजली विभाग की कार्यशैली और उत्पीड़न के चलते आत्महत्या कर ली है। आरोप है कि एक महीने पहले बिजली विभाग ने एक किसान को 15 सौ रुपए के बजाय डेढ़ लाख रुपए का बिजली बिल भेज दिया था। बिजली बिल को ठीक कराने के लिए किसान विभाग के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। इतना ही अधिकारी किसान पर पूरे डेढ़ लाख रुपए का बिल जमा कराने के लिए दबाव डालने लगे। इसी बीच बिजली विभाग का नोटिस देने पहुंचे कर्मचारी ने सबके सामने ही किसान को चांटा मार दिया, जिसके बाद किसान फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी है।

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दरअसल, यह घटना अलीगढ़ जिले की अतरौली तहसील के गांव सुनैरा की है। जहां किसान रामजी लाल परिवार के साथ रहते थे। एक महीने पहले रामजी लाल के घर एक लाख पचास हजार रुपए का बिजली बिल पहुंचा तो उनके पैरों तले जैसे जमीन ही न रही। परिजनों का कहना है कि बिजली विभाग ने 15 सौ रुपए के स्थान पर एक लाख पचास हजार रुपए का बिजली बिल भेज दिया था। परिजनों ने बताया कि इसके बाद बढ़े हुए बिजली बिल को ठीक कराने के लिए रामजी लाल बिजली दफ्तर के चक्कर लगाते रहे, लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की।

इसी बीच बिजली विभाग के अधिकारी उनके घर आ धमके और बिल जमा करने का दबाव बनाया। इस पर रामजी लाल ने कहा कि उनके पास इतने रुपए नहीं हैं कि वह इस बिल का भुगतान कर सकें। आरोप है कि इस बिजली विभाग के कर्मचारियों ने सबके सामने रामजी लाल को चांटा जड़ दिया। परिजनों ने बरला थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि 15 सौ के बिजली बिल को गलत तरीके से डेढ़ लाख का दर्शाया गया है। रामजी लाल ने बिल ठीक कराने के लिए काफी प्रयास किया, जब बात नहीं बनी तो उन्होंने आत्महत्या कर ली है।

किसान के आत्महत्या करने के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग के दफ्तर के आगे रामजी लाल का शव रखकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान ग्रामीणों ने जूनियर इंजीनियर और एसडीओ के विरूद्ध केस दर्ज करने की मांग करते हुए रामजी लाल का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। इस पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम अतरौली पंकज कुमार का कहना है कि जांच में दोषी मिलने वालों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। शुरुआती जांच के बाद मामला दर्ज किया जाएगा।

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