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सपा विधायक विजमा यादव के निर्वाचन चुनौती याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, जानें पूरा मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अगली सुनवाई पर याची द्वारा जवाब नहीं दाखिल किया गया तो बिना उपस्थिति के ही याचिका आ निस्तारण कर दिया जाएगा। प्रतापपुर से विधानसभा सीट से अपना दल (एस) के प्रत्याशी रहे और पूर्व राज्य मंत्री राकेश धर त्रिपाठी ने याचिका दाखिल की है। विजमा यादव ने सपा के टिकट से 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा समर्थित अपना दल एस के प्रत्याशी पूर्व मंत्री डॉ. राकेशधर त्रिपाठी को हरा दिया था।

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सपा विधायक विजमा यादव के निर्वाचन चुनौती याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, जानें पूरा मामला

सपा विधायक विजमा यादव के निर्वाचन चुनौती याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, जानें पूरा मामला

प्रयागराज: समाजवादी पार्टी से प्रतापपुर विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित विजमा यादव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए जवाब तलब किया है। कोर्ट ने कहा है प्रतिवादी मामले में सत्य और रिकॉर्ड्स के साथ अपना जवाब दाखिल करें। मामले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने को लेकर आदेशित किया है। अगली सुनवाई 6 सितंबर को होगी। मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने दी है।

जवाब न देने पर याचिका पर होगी निस्तारण

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अगली सुनवाई पर याची द्वारा जवाब नहीं दाखिल किया गया तो बिना उपस्थिति के ही याचिका आ निस्तारण कर दिया जाएगा। प्रतापपुर से विधानसभा सीट से अपना दल (एस) के प्रत्याशी रहे और पूर्व राज्य मंत्री राकेश धर त्रिपाठी ने याचिका दाखिल की है। विजमा यादव ने सपा के टिकट से 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा समर्थित अपना दल एस के प्रत्याशी पूर्व मंत्री डॉ. राकेशधर त्रिपाठी को हरा दिया था।

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याची ने दिया तर्क से कोर्ट को जानकारी

इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके याची ने विजमा यादव की निर्वाचन पर चुनौती देते हुए यह जानकारी दिया कि विजयी प्रत्याशी ने अपने हलफनामे में अपने खिलाफ दर्ज केवल 2 अपराधों का ही जिक्र किया है, जबकि उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। वह अपने आपराधिक इतिहास को छुपाया है। जिसकी वजह से इनका नामांकन रद्द किया जाना चाहिए। इस संबंध में चुनाव अधिकारी से भी शिकायत की है। हालांकि कोई कार्रवाई ना होने से उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने वर्तमान विधायक से जवाब दाखिल करने को कहा है।