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बाघंबरी मठ को मिला नया महंत बलबीर गिरि

- महंतई चादर विधि के बाद बलवीर गिरि बाघम्बरी गद्दी मठ और संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर के हो जाएंगे महंत - महंत नरेंद्र गिरि की वसीयत के आधार पर निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वर ने बलवीर को चुना उत्तराधिकारी - निरंजनी अखाड़े के सचिव का पद अभी रहेगा रिक्त, मंथन के बाद होगा चुनाव- बलबीर के सामने होगी बड़ी चुनौतियाँ

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बाघंबरी मठ को मिला नया महंत बलबीर गिरि

बाघंबरी मठ को मिला नया महंत बलबीर गिरि

प्रयागराज. बलवीर गिरि आज से बाघंबरी मठ की गद्दी संभालेंगे। अरबों रुपए की संपदा वाले बाघंबरी मठ के नए महंत बलवीर गिरि होंगे। महंत नरेंद्र गिरि की षोडशी पूजा (shodashi ceremony late Mahant Narendra Giri) के बाद आज दिन के करीब 12 बजे से बाघंबरी गद्दी मठ में नए महंत के रूप में बलवीर गिरि की महंतई चादर विधि (chadarposhi) की रस्म होगी। चादर विधि में निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रहमचारी के साथ पंच परमेश्वर समेत कई महामंडलेश्वर और महंत टीका लगाकर चादर ओढ़ाएंगे। बाघंबरी मठ की जिम्मेदारी मिलने के साथ ही महंत बलवीर गिरि के समक्ष कई चुनौतियां शुरू हो जाएंगी। अपने साथियों का के मन में अपने लिए विश्वास, मठ और लेटे हनुमान मंदिर सहित तमाम अरबों की संपत्ति चल अचल सम्पत्तियों पर नियत्रंण करना एक बड़ा कार्य है।

महंतई चादर विधि के बाद बलवीर गिरि हो जाएंगे महंत :- महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध आत्महत्या तक बलवीर गिरि निरंजनी अखाड़े के उप महंत के रूप में हरिद्वार स्थित विल्केश्वर महादेव मंदिर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। महंतई चादर विधि के बाद बलवीर गिरि बाघम्बरी गद्दी मठ और संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर के महंत के रूप में आसीन हो जाएंगे। महंत नरेंद्र गिरि की वसीयत के आधार पर निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वर ने बलवीर को उत्तराधिकारी चुना था। महंत नरेंद्र गिरि निरंजनी अखाड़े के सचिव भी थे।

सचिव का पद के लिए होगा अभी मंथन - निरंजनी अखाड़े के सचिव का पद अभी बलवीर गिरि को नहीं दिया जाएगा। वैसे तो निरंजनी अखाड़े में चार सचिव होते हैं। मौजूदा समय निरंजनी अखाड़े के तीन सचिव महंत रवींद्र पुरी, महंत राम रतन गिरि और महंत ओंकार गिरि हैं। महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु के बाद एक पद रिक्त हो गया है। षोडशी संस्कार के बाद इस पद पर नई नियुक्ति के लिए मंथन होगा।

महंत बलवीर गिरि के लिए बड़ी चुनाती :- बाघंबरी मठ की गद्दी संभालते ही महंत बलवीर गिरि के समक्ष कई चुनौतियां सामने मुंह खोले खड़ी है। महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु के बाद से मठ में हर व्यक्ति एक दूसरे पर अविश्वास कर रहा है। सीबीआई जांच चल रही है। भक्त, अनुयायी, सेवकगण सभी में एक दहशत का माहौल है। उपर से एक सवाल क्या महंत नरेंद्र गिरि ने आत्महत्या की थी? महंत बलवीर गिरि कैसे सभी के मन की मीत बन पाते हैं। यह तो आगे का वक्त बताएगा। साथ ही मठ की अपार सम्पति, आनन्द गिरि को नए महंत बलवीर गिरि कैसे संभालते हैं, यह उनके लिए बड़ी चुनौती है।

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