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40 फीट गहरे बोरवेल में गिरी बच्ची, स्कूल बैग की टोकरी बना निकाला बाहर, थानाधिकारी की इस सूझबूझ की हो रही तारीफ

नाना के घर आई हुई थी, खुदाई के चलते टाइम लगना था और एक-एक पल बच्ची की जान को भारी पड़ रहा था...
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अलवर

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Dinesh Saini

May 20, 2019

Borewell Incident

अलवर/नौगांवा।

Alwar Gangrape प्रकरण में कार्रवाई को लेकर अपनी फजीहत करा चुकी पुलिस के लिए यह गर्व करने की खबर हो सकती है, जब नौगांवा थानाधिकारी विजेन्द्र सिंह ने अपनी सूझबूझ से 4 साल की मासूम की जान बचा ली। यह मासूम खेलते-खेलते 40 फीट गहरे और करीब डेढ़ फीट चौड़े बोरवेल में गिर गई ( Child Fall in Borewell ) थी। जेसीबी से बोरवेल के पास खुदाई शुरू कर दी गई थी। खुदाई के चलते टाइम लगना था और एक-एक पल बच्ची की जान को भारी पड़ रहा था।

स्कूल बैग की टोकरी का कमाल ( Borewell Incident )
ऐसे में सूचना पर वहां पहुंचे थानाधिकारी विजेन्द्र सिंह ने स्कूल बैग मंगवाकर उसे आगे से बंदकर व नीचे से फाडकऱ टोकरी बना ली। उसे समेटकर बोरवेल में नीचे डाला गया। बच्ची को उसमें बैठने को कहा गया। बच्ची उसमें बैठ गई और सबने उसे ऊपर खींचकर उसे सकुशल बाहर निकाल लिया। इस दौरान बच्ची करीब सवा घंटा बोरवेल में फंसी रही।

नाना के घर आई हुई थी
चिकित्सकों ने जांचकर बच्ची के स्वास्थ्य को सामान्य बताया है। मामला क्षेत्र के गांव बाडीबास का है। पुलिस एवं प्रत्यक्षदॢशयों के मुताबिक हरियाणा के पाटखोहरी की 4 साल सुमैया यहां अपने नाना सत्तार खां के आई हुई थी। रविवार शाम को खेलने के दौरान वह पुराने खुले बोरवेल में जा गिरी। जानकारी पर वहां ग्रामीण एकत्र हो गए। बोरवेल के बगल में जेसीबी मशीन से खुदाई शुरू कर दी गई। इस दौरान सूचना पर जाप्ते के साथ थानाधिकारी विजेन्द्र सिंह भी वहां आ गए। इस दौरान ग्रामीणों ने नीचे बच्ची को खाना-पानी पहुंचाया। जिससे रोती बच्ची चुप हो गई।

काम आया जुगाड़
पहले स्थानीय भाषा में बच्ची को रस्सी डाल उसे पकडऩे को कहा गया, लेकिन बच्ची ने रस्सी नहीं पकड़ी। जिसके बाद थानाधिकारी ने स्कूल बैंग मंगाया और उसे खाली कर नीचे से फाड़ दिया। उसे रस्सी की सहायता से एक टोकरी का रूप दिया और बाद में उसे बोरवेल में नीचे डाल दिया। बच्ची को बैग में बैठने को कहा गया। नीचे बैग में बच्ची बैठ गई तो उसे ऊपर खींच लिया। थानाधिकारी ने सूझबूझ दिखाते हुए बच्ची की जान बचा ली। इससे लोगों के बीच उनकी सूझबूझ के चर्चें और तारीफें होने लग गई।