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अलवर जिले का अजब संयोग; केंद्र में भूपेंद्र तो राज्य में संजय शर्मा वन मंत्री

अलवर जिले के इतिहास में दूसरी बार ऐसा हुआ है कि केंद्र व प्रदेश में एक ही मंत्रालय अलवर के ही सांसद व विधायक के पास रहा है।

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अलवर जिले के इतिहास में दूसरी बार ऐसा हुआ है कि केंद्र व प्रदेश में एक ही मंत्रालय अलवर के ही सांसद व विधायक के पास रहा है। केंद्र सरकार में फिर से सांसद भूपेंद्र वन एवं पर्यावरण मंत्री बने हैं। वहीं प्रदेश सरकार में शहर विधायक संजय शर्मा वन एवं पर्यावरण मंत्री हैं।

एक ही विभाग होने के कारण चमक सकता है सरिस्का

ऐसे में दोनों मंत्रियों के पास एक ही विभाग होने के कारण सरिस्का चमक सकता है। सरिस्का के जीवन में आ रही अंदरूनी समस्याओं का निस्तारण आसानी से हो सकता है। साथ ही इको सेंसेटिव जोन का प्रस्ताव बिना अटके दौड़ सकता है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में भी भूपेंद्र के पास यही मंत्रालय था। उस समय में प्रदेश में नई सरकार बनते ही संजय शर्मा को भी यही विभाग मिला।

सरिस्का में गांवों का विस्थापन पूरी तरह नहीं हो पाया है। सरिस्का के आसपास होटल व रेस्टोरेंट आदि का संचालन तेजी से बढ़ रहा है। राजस्व की भूमि पर यह संचालित हो रहे हैं। ऐसे में इस मामले में कार्रवाई वह कर सकते हैं।

क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट यानी सीटीएच एरिया की करीब 40 हजार हेक्टेयर जमीन वन विभाग के नाम होनी है। ये कार्य भी भूपेंद्र के वन मंत्री बनने से आसान हो सकता है। सरिस्का में इलेक्ट्रिक व्हीकल संचालन की योजना भी अब धरातल पर आने की उमीद जताई जा रही है। एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव भी फाइनल कराने में उनकी भूमिका होगी।