
Alwar ACB Action: एसीबी की गिरफ्त में आरोपी एएसआई शंकर लाल शर्मा (फोटो-पत्रिका)
अलवर। जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अरावली विहार थाने में तैनात सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) शंकर लाल शर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी एएसआई पर एक आपराधिक मामले में नाम हटाने, मारपीट नहीं करने और जांच में मदद करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
एसीबी के अनुसार, परिवादी ने अलवर प्रथम चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पुत्र के खिलाफ अरावली विहार थाने में अपराध संख्या 269/26 दर्ज है। इस मामले के जांच अधिकारी एएसआई शंकर लाल शर्मा मुकदमे से उसके बेटे का नाम निकालने, उसके साथ मारपीट नहीं करने और केस में राहत दिलाने के नाम पर 25 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। लगातार दबाव बनाए जाने से परेशान होकर परिवादी ने एसीबी से शिकायत की।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। सामने आया कि आरोपी एएसआई पहले भी परिवादी से कुछ राशि ले चुका था और शेष रकम की मांग कर रहा था। सत्यापन में यह भी पाया गया कि आरोपी 10 हजार रुपये रिश्वत लेने के बाद बाकी 10 हजार रुपये बाद में लेने की बात कह रहा था।
इसके बाद एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर उप महानिरीक्षक पुलिस (प्रथम) डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरवीजन में अलवर प्रथम चौकी प्रभारी एवं उप अधीक्षक शब्बीर खान के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई। टीम ने मंगलवार को भूगोर तिराहा पर जाल बिछाया और सहपरिवादी से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय एएसआई शंकर लाल शर्मा को रंगे हाथ पकड़ लिया।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। साथ ही उसके ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई भी जारी है, ताकि उसकी आय से अधिक संपत्ति या अन्य भ्रष्टाचार से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें।
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई है। एसीबी का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
Updated on:
14 Jul 2026 07:33 pm
Published on:
14 Jul 2026 07:28 pm
