
पनीर को गड्ढा खोदकर किया नष्ट
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय जयपुर के निर्देशों पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अरविंद गेट के नेतृत्व में किशनगढ़ बास पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह संयुक्त कार्रवाई की है। मामले की जानकारी देते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव ने बताया कि मंगलवार को किशनगढ़ बास पुलिस इलाके में रूटीन गश्त पर थी।
इसी दौरान पुलिस टीम को एक सफेद रंग की ईको गाड़ी (नंबर RJ 40 CB 9889) आती दिखाई दी। पुलिस ने शक होने पर गाड़ी को रुकवाया और जब उसकी तलाशी ली गई तो पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। गाड़ी के अंदर प्लास्टिक के करीब 15 बड़े कैन रखे हुए थे, जिनमें भारी मात्रा में पनीर भरा हुआ था। गाड़ी से इतनी तेज बदबू आ रही थी कि वहां खड़ा होना भी मुश्किल था।
पुलिस ने जब कार चला रहे युवक आदिल खान (25 वर्ष) और उसके साथी मुनव्वर (20 वर्ष) से कड़ाई से पूछताछ की, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। दोनों आरोपी तिजारा तहसील के जरौली गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने कबूल किया कि वे इस सिंथेटिक पनीर को हरियाणा के नारनौल और राजस्थान के झुंझुनू जिले के आसपास के इलाकों में सप्लाई करने जा रहे थे। इस नकली और बदबूदार पनीर को वे वहां के हलवाइयों और डेयरी दुकानदारों को महज 180 से 200 रुपये प्रति किलो के भाव में बेचने वाले थे।
आरोपियों के कबूलनामे के बाद पुलिस ने तुरंत इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को दी। फूड सेफ्टी टीम ने मौके पर पहुंचकर जब पनीर की जांच की, तो पाया कि वह पूरी तरह सिंथेटिक, अत्यधिक गंदा और बदबूदार था। यह पनीर सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता था।
विभाग ने 'खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006' (FSSAI) के तहत तुरंत पनीर के सैंपल लिए। इसके बाद, मौके पर ही एक जेसीबी मशीन बुलाई गई और गहरा गड्ढा खुदवाकर पूरे 545 किलो मिलावटी पनीर को मिट्टी में दबाकर नष्ट कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान आरपीएस नेहा, थानाधिकारी बनवारी लाल, महिपाल और सुभाष यादव सहित पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि यह नकली पनीर कहां बनाया जा रहा था।
Updated on:
14 Jul 2026 06:26 pm
Published on:
14 Jul 2026 06:26 pm
