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मम्मी-पापा ने कहा-बेटा बुखार है, घर से बाहर मत निकलना, बेटा नहीं माना और हो गई मौत

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अलवर

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Hiren Joshi

Dec 14, 2018

Alwar Accident Death Case Live Update

मम्मी-पापा ने कहा-बेटा बुखार है, घर से बाहर मत निकलना, बेटा नहीं माना और हो गई मौत

अलवर. मम्मी-पापा बेटे से कह कर गए थे कि बेटा तुम्हें बुखार है। घर से बाहर मत निकलना। घर में अकेला होने के कारण सारे दोस्त मोहित के घर आ गए थे। कई दिनों पहले एक दोस्त हितेश का जन्म दिन था जिसकी पार्टी ड्यू चल रही थी। तीन दोस्तों ने पहले हितेश के घर पर कुछ फास्ट फूड लिया और बाद में इन्होंने चिकानी के पास भोजन लेने का निर्णय लिया। जिस स्कूल में पापा काम करते थे, उन्होंने अपने बेटे मोहित को भी उसी स्कूल में शिक्षक के पद पर कुछ दिन शौक पूरा करने के लिए लगवा दिया था।

महेश शर्मा इसी स्कूल में कैमेस्ट्री पढ़ाते हैं। मोहित भी पापा के स्कूल में गणित पढ़ाने लगा था। वह प्रतिभाशाली युवा था जिसका उद्देश्य मात्र कुछ माह ही पढ़ाना था। बुधवार को महेश शर्मा अपनी पत्नी के साथ नारनौल गए थे। वे मोहित को बुखार होने के कारण कह कर गए थे बेटे तुम्हें बुखार है, घर से बाहर मत जाना। मम्मी पापा तो अभी नारनौल से वापस भी नहीं आए थे, लेकिन उन्हें यह दुखद समाचार पहले ही सुनने को मिल गया।

सुप्रीत को तेज कार चलाने का शौक

इस हादसे में मृत सुप्रीत नागपाल को तेज कार चलाने का शौक था। जिस समय यह दुर्घटना हुई थी तो इस समय वे धीमी गति से कार चला रहे थे। सुप्रीत इस कार को चला रहा था। वह कार ड्राइविंग में एक्सपर्ट था।

तीनों प्रतिभाशाली थे युवा

इस दुर्घटना में मरे तीनों युवक प्रतिभाशली युवक थे। इनके साथ 25 वर्षीय रोहित अग्रवाल कोलकाता का रहने वाला था जो पहले दिल्ली के एक स्कूल में कार्य करता था। इसके बाद यह यहां आकर नौकरी करने लगा। ये तीनों मृतक अविवाहित थे जो पक्के दोस्त थे।

स्कूल में अवकाश, वार्षिकोत्सव स्थगित

तीन शिक्षकों की मौत के बाद इस स्कूल में पढऩे वाले विधार्थी दिन भर घर में रोते रहे। ये तीनों शिक्षक बच्चों से बहुत प्यार करते थे और खाली पीरियड में उनके साथ खेलते थे। सिल्वर ओक में आगामी दिनों में होने वाले स्पोर्टस डे व वार्षिकोत्सव निरस्त कर दिया गया है।

सीट बैल्ट लगाने से बची जान

हादसे में घायल हितेश सैनी ने बताया कि उसने अपने सभी दोस्तों को देर रात बाहर खाना खाने चलते के लिए मना किया था, लेकिन वे नहीं माने और गाड़ी लेकर खाना खाने के लिए चिकानी की तरफ निकल पड़े। वह भी उनके साथ गाड़ी सवार था। सुप्रीत गाड़ी चला रहा था और वह आगे सीट पर बैठा हुआ था। उसने सीट बैल्ट लगाई हुई थी। रास्ते में उसे नींद आ गई। अचानक हादसा हुआ तो उसकी आंख खुली।

पापा ने रात दो बजे बेटे को फोन पर कहा- कार धीरे चलाकर लाना

अलवर तिजारा सडक़ मार्ग पर रहने वाले युवा शिक्षक हितेश सैनी का कई दिनों पहले जन्म दिन था। इसके स्कूल में साथ पढ़ाने वाले दोस्तों ने इस पर पार्टी ड्यू होने की बात कही। बुधवार की शाम को हितेश, सुप्रीत और रोहित तीन दोस्त मोहित के घर चले गए। यहां इन्होंने पहले तो हल्का फुल्का खाया। फिर मोहित ने कहा कि बाहर खाना खाने चलेंगे। ये सभी चिकानी की तरफ ढाबे पर खाना खाने के लिए घर से गए। रात को 2 बजे हितेश सैनी के पिता मोहनलाल सैनी की नींद खुली तो उन्होंने बेटे को फोन किया। बेटे ने कहा पापा हम आधे घंटे आ रहे हैं। इस पर पापा ने कहा कि बेटे तुम आराम से कार चलाना, कोई जल्दी नहीं है। इस बात के आधे घ्ंाटे तक वो दोस्त तो नहीं आए, लेकिन पुलिस की दुर्घटना वाली सूचना आ गई।