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alwar bharthri festivel news अलवर ही नहीं देश भर में पूजे जाते हैं लोकदेवता भर्तृहरि, मेला शुरू

alwar bharthri festivel news लोक देवता भर्तृहरि मेले का बुधवार सुबह पूजा अर्चना के साथ शुभारंभ हुआ। पूजा अर्चना से पूर्व श्रम मंत्री टीकाराम जूली, विधायक शकुंतला रावत ध्वज पताका लेकर भर्तृहरि धाम पहुंचे और पूजा अर्चना कर मेले की शुरुआत की।
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अलवर

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Prem Pathak

Sep 05, 2019

alwar bharthri festivel news अलवर ही नहीं देश भर में पूजे जाते हैं लोकदेवता भर्तृहरि, मेला शुरू

alwar bharthri festivel news अलवर ही नहीं देश भर में पूजे जाते हैं लोकदेवता भर्तृहरि, मेला शुरू

अलवर. alwar bharthri festivel news लोक देवता भर्तृहरि मेले का बुधवार सुबह पूजा अर्चना के साथ शुभारंभ हुआ। पूजा अर्चना से पूर्व श्रम मंत्री टीकाराम जूली, विधायक शकुंतला रावत ध्वज पताका लेकर भर्तृहरि धाम पहुंचे और पूजा अर्चना कर मेले की शुरुआत की।
भर्तृहरि मेले के चलते श्रद्धालुओं का मंदिर पर पहुंचना सुबह से शुरू हो गया। भर्तृहरि के आसपास के गांवों के अलावा जिले भर एवं अन्य प्रांतों से भी लोग मेले में पहुंचे। इस कारण मेला परिसर में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मेला स्थल पर लोग निजी वाहनों, रोडवेज बसों एवं पैदल पहुंचे। लोगों के पहुंचने का क्रम रात तक जारी रहा। दोपहर के समय मेला परिसर में लोगों की भीड़ हो गई। लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।

alwar bharthri festivel news दण्डौती देते पहुंचे श्रद्धालु

अलवर जिला सहित दूर दराज के क्षेत्रों तक भर्तृहरि की मान्यता है, इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दण्डौती देते भर्तृहरिधाम पहुंचे। दण्डौती देने वालों में पुरुषों के साथ ही बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी।

alwar bharthri festivel news साधू संत रहे आकर्षण का केन्द्र

मेले में दूर दराज से आए साधू संत श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र रहे। भर्तृहरि मेले में कई दिन पूर्व ही दूर दराज से साधू संत अपना डेरा जमा लेते हैं। ये साधू संत तरह-तरह के करतब दिखा लोगों को आकर्षित करते हैं। मेले में कनफडे साधुओं की संख्या अधिक रहती है।

प्याऊ व भण्डारों का आयोजन

मेले के चलते भर्तृहरि धाम व आसपास के गांवों से आने वाले रास्तों, नटनी का बारा मार्ग आदि पर लोग प्याऊ लगा जलसेवा में जुटे रहे। मेला परिसर में कई जगह भण्डारों का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी पाई।

लाठी की दुकानों पर रही भीड़

भर्तृहरि मेले में काली रंग की लाठी लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहती है। लाठी के विक्रेता कई पूर्व आकर अपनी दुकान जमा लेते हैं। मेले के पहले दिन मेला परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में कई जगह लाठी विक्रेताओं की दुकान लगी थी। लोग यहां लाठी देखते व खरीदते नजर आए।

घरेलू सामान की बिक्री खूब

मेले में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, इस कारण यहां घरेलू सामान की दुकानें भी लगी थी। लोग इन दुकानों पर घरेलू सामान खरीदते दिखे। वहीं बच्चों के मनोरंजन की दुकानों पर भी ग्रामीणों की भीड़ लगी थी।

ध्वज से पहले ही बंधवा दिया साफा

मेला कमेटी ने पहले मंच पर पूजा अर्चना करवाई, बाद में बाबा भर्तृहरि को ध्वज चढ़ाना था, लेकिन इससे पहले ही अतिथियों को साफा बंधवा दिया व माला पहनाई दी। जबकि धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना के बाद भर्तृहरि को ध्वज अर्पित करना था। यह वाकया चर्चा का विषय बना रहा।

नियमों की अनदेखी भी

भर्तृहरि धाम पर मेला मजिस्ट्रेट, सहायक मेला मजिस्ट्रेट ने मेले को लेकर आदेश जारी किए हैं, वहीं कार्रवाई भी की है। इसके बाद भी मेला परिसर में पॉलीथिन का उपयोग होता दिखा। वहीं जुगाड़ के प्रवेश पर रोक के बाद भी मेला परिसर तक जुगाड़ जाते दिखाई दिए। डीजे बजाने के प्रतिबंध का भी पूरी तरह पालन नहीं हो सका।

उद्घाटन समारोह में रखे विचार

मेले के उद्घाटन समारोह में श्रम राज्य मंत्री जूली ने कहा कि भर्तृहरिधाम की मान्यता अलवर जिला ही नहीं दूर दराज के क्षेत्रों तक है। भर्तृहरि सबकी मनोकामना पूर्ण करते हैं। विधायक शकुंतला रावत ने कहा कि लोग यहां सुख समृद्धि की कामना लेकर आते हैं। लोग सुरक्षित तरीके से वाहन चलाएं। वहीं पूर्व प्रधान शिवलाल गुर्जर, प्रेम पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी विचार रखे।