
अलवर शहर की सरकार गिराने कलक्टर के पास पहुंचे पार्षद, लेकिन लौटना पड़ा वापस, जानिए क्या रहा कारण
नगर परिषद सभापति अशोक खन्ना के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर जिला कलक्ट्रेट पहुंचे पार्षद एक्ट में संशोधन के कारण वापस लौट गए। पूरी जानकारी करे बिना ही एक तिहाई पार्षदों के साथ अविश्वास प्रस्ताव लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। वहां जाकर पता लगा कि अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए तीन चौथाई पार्षदों का हस्ताक्षरित आवेदन होना जरूरी है। इसके बाद सभी पार्षद वापस लौट गए। पार्षदों का नेतृत्व कर रहे मुकेश सैनी व अजय पूनिया ने कहा कि एक्ट में संशोधन की जानकारी नहीं थी लेकिन कुछ देर बाद गए वापस तीन चौथाई पार्षदों के हस्ताक्षर कराकर जिला कलेक्टर को अविश्वास प्रस्ताव पेश करेंगे।
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद अलवर में कुल 50 पार्षद हैं और अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए तीन चौथाई पार्षदों की संख्या 34 होती है। सूत्रों के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पेश कर रहे पार्षदों के खेमे में इस समय करीब 25 पार्षद मौजूद है अब उनको 34 पार्षदों तक पहुंचने के लिए कुछ और पार्षदों की जरूरत। आ जा रहा है कि इस समय पार्षद कुछ और सदस्यों से संपर्क कर रहे हैं यदि उनका आंकड़ा 34 तक पहुंचता है तो वे एक-दो घंटे बाद वापस जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर अविश्वास प्रस्ताव पेश कर सकते हैं।
Published on:
28 Dec 2018 01:19 pm
