
बाड़ेबंदी में पार्षदों की ‘मौजा ही मौजा’
अलवर. नगर निकाय चुनाव के परिणाम सामने आते ही शहर पार्षद विहीन हो गया है। पुराने पार्षदों का कार्यकाल खत्म हो चुका है और जीतकर आए ज्यादातर नए पार्षद शहर से नदारद हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपने व निर्दलीय पार्षदों की शहर से बाहर बड़े होटलों में बाड़ेबंदी की हुई है।
नगर परिषद अलवर में पिछले कार्यकाल में 50 वार्ड थे। परिसीमन के बाद अब 65 वार्ड हो गए हैं। नए कार्यकाल के लिए 65 पार्षद चुनकर आए हैं। जिनमें 27 भाजपा, 19 कांग्रेस और 19 निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। नगर परिषद में बोर्ड बनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रयासों में लगे हैं। इसके लिए भाजपा ने सभी पार्षदों को सिलीसेढ़ के किशनपुर गांव स्थित एक होटल में बाड़ेबंदी कर रखी है। वहीं, निर्दलीय पार्षदों की अलग से टहला के निकट स्थित एक होटल में की है। इसी प्रकार कांग्रेस ने अपने सभी पार्षद और कुछ निर्दलीय पार्षदों टहला के निकट एक होटल में रखा हुआ है। दोनों ही पार्टियां निर्दलियों के साथ ही अपने पार्षदों को चुनाव परिणाम आने के बाद देर शाम अलवर से लेकर रवाना हो गई। ज्यादातर वार्ड में फिलहाल नए पार्षद नजर नहीं आ रहे हैं।
परिणाम आते ही निर्दलीय ढूंढे
नगर परिषद चुनाव के परिणाम मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे तक आ गए थे। प्रत्याशियों की जीत की तस्वीर साफ होते ही दोनों ही पार्टी के पदाधिकारियों ने निर्दलीय पार्षदों को ढूंढऩा शुरू कर दिया था। निर्दलीय पार्षदों को मोटे प्रलोभन देकर पार्टियां अपने साथ लेकर रवाना हो गईं।
अब सीधे 26 को ही आएंगे
नगर परिषद सभापति के लिए 26 नवम्बर को वोटिंग होगी। इससे पहले तक दोनों ही पार्टियां अपने-अपने पार्षदों को बाड़ेबंदी में रखेंगी। 26 को पार्षदों को सीधे नगर परिषद लेकर पहुंचेंगी और वोटिंग कराएंगी।
Published on:
21 Nov 2019 06:00 am
