क्रॉस वोटिंग ने बिगाड़ा कांग्रेस का खेल, भाजपा ने बाजी मारी

नगर परिषद अलवर में उप सभापति चुनाव में क्रॉस वोटिंग का सिलसिला जारी रहा। यही कारण है कि परिषद अलवर में सभापति व उप सभापति चुनाव का राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदला नजर आया। चर्चा है कि उप सभापति चुनाव में भी भाजपा के खेमे से करीब 4 पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की।

Prem Pathak

November, 2806:00 AM

अलवर. नगर परिषद अलवर में उप सभापति चुनाव में क्रॉस वोटिंग का सिलसिला जारी रहा। यही कारण है कि परिषद अलवर में सभापति व उप सभापति चुनाव का राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदला नजर आया। चर्चा है कि उप सभापति चुनाव में भी भाजपा के खेमे से करीब 4 पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की। यह स्थिति तो तब है जब सभापति चुनाव में क्रॉस वोटिंग के चलते भाजपा की जीती बाजी हार में बदल गई। भाजपा ने उप सभापति चुनाव में क्रॉस वोटिंग रोकने की पुख्ता रणनीति तैयार की, लेकिन फिर भी भाजपा खेमे से करीब चार पार्षद क्रॉस वोटिंग कर गए। हालांकि उप सभापति के चुनाव में क्रॉस वोटिंग की जानकारी भाजपा के पदाधिकारियों को भी है।

कांग्रेस में भी क्रॉस वोटिंग की चर्चा

नगर परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग का खेल केवल भाजपा खेमे में ही हुआ हो, ऐसा नहीं है, चर्चा है कि उप सभापति के चुनाव में कांग्रेस खेमे से करीब 6 पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की। पार्टी पदाधिकारियों को भी इस क्रॉस वोटिंग की भनक है और वे ऐसा कार्य करने वाले पार्षदों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

यूं पलटा उप सभापति चुनाव का खेल

भले ही उप सभापति का पद सभापति से कम महत्व का रहा हो, लेकिन इस पद के चुनाव में भी कांग्रेस व भाजपा की ओर से पुख्ता रणनीति तैयार की गई थी। दोनों खेमों से उप सभापति पद के लिए प्रत्याशी भी उतारे गए। पार्टी पदाधिकारियों की ओर से उन्हें सुरक्षा के बीच मतदान के लिए नगर परिषद तक लाया गया, लेकिन कांग्रेस व भाजपा की पार्षदों को एकजुट कर अपने प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने की रणनीति धरी रह गई। हालांकि उप सभापति चुनाव में भाजपा प्रत्याशी घनश्याम गुर्जर 7 वोट से जीते। इस चुनाव में भाजपा को 36 व कांग्रेस को 29 वोट मिले। दावों के अनुसार भाजपा खेमे में 34 पार्षद थे, इनमें से करीब चार पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की। इस लिहाज से भाजपा खेमे के 30 पार्षदों ने ही भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया। वहीं कांग्रेस खेमे में 31 पार्षद थे और वोट मिले केवल 29 ही। यदि भाजपा खेमे की क्रॉस वोटिंग के चार वोट भी इनमें शामिल कर लिए जाएं तो कांग्रेस खेमे के 25 पार्षदों ने ही पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया। पार्टी खेमे के शेष 6 पार्षदों ने भाजपा के पक्ष में किया, जिससे उसके समर्थन का आंकड़ा 36 तक पहुंच पाया।

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निर्दलियों से तालमेल की कमी

पार्टी ने संगठित होकर चुनाव लड़ा। निर्दलियों के साथ तालमेल की कमी रही, जिसके कारण उप सभापति का चुनाव हारे। कांग्रेस के जनप्रतिनिधि आने वाले समय में जनता के बीच जाकर जनता की समस्याओं का निदान करेंगे तथा पिछले कई सालों में नगर परिषद में जो कुशासन रहा उसे दूर करेंगे।

- विक्रम यादव, उप सभापति प्रत्याशी, कांग्रेस।

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एक सप्ताह में रिपोर्ट भेजेंगे

सभापति चुनाव में क्रॉस वोटिंग के कारण भाजपा को हार झेलनी पड़ी। उप सभापति चुनाव में भी भाजपा और कांग्रेस दोनों खेमों में क्रॉस वोटिंग हुई, लेकिन भाजपा में कम क्रॉस वोटिंग हुई। जिसके कारण ही भाजपा का उप सभापति बना है। क्रॉस वोटिंग की जांच के लिए समिति बनाई जाएगी। जो कि क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्षद और उनके पीछे के सूत्रधारों की एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए पार्टी आलाकमान को भेजेगी।

- संजय नरुका, जिलाध्यक्ष, भाजपा।

क्रॉस वोटिंग की जांच कराएंगे

उप सभापति चुनाव में कांग्रेस खेमे से क्रॉस वोटिंग करने वालों की जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान यदि कांग्रेस सिम्बल पर चुनाव लडऩे वाला कोई भी सदस्य दोषी पाया गया तो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

योगेश शर्मा

कार्यकारी जिलाध्यक्ष कांग्रेस अलवर

Prem Pathak Reporting
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